खूंटी में रेलवे ब्रिज खतरे में, बालू की अवैध तस्करी से बढ़ा जोखिम

Railway Bridge in Khunti in Danger

झारखंड: झारखंड के खूंटी जिले में रांची, खूंटी और राउरकेला को जोड़ने वाले रेलवे ब्रिज के नीचे से बालू की अवैध तस्करी तेजी से हो रही है। कर्रा प्रखंड क्षेत्र में माफियाओं द्वारा लगातार बालू का उत्खनन किया जा रहा है, जिससे पुल और आसपास के नदियों के अस्तित्व पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

माफिया बेखौफ कर रहे बालू की तस्करी
स्थानीय लोगों ने बताया कि रांची से खूंटी तक जुड़े माफिया सिंडिकेट के लोग पुल के नीचे से बालू उठाकर जंगलों में डंप करते हैं और रात के अंधेरे में बड़े वाहनों के जरिए इसे तस्करी करते हैं। कई बार ग्रामीणों ने अवैध उत्खनन रोकने का प्रयास किया, लेकिन धमकियों के कारण कोई कदम नहीं उठा सका।

पुलों और नदियों को खतरा
जरियागड़ इलाके की मुखिया सुनीता चोचा ने कहा कि बालू माफियाओं के कारण नदियों का अस्तित्व खतरे में है। पुल-पुलियों के नीचे से बालू निकालने की वजह से संरचनाओं पर दबाव बढ़ गया है। मुखिया ने प्रशासन से अपील की है कि बालू तस्करों पर अंकुश लगाया जाए और ग्रामीणों की मदद से यह गतिविधि रोकी जाए।

Adiwasi Mahotsav

पुल निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा
बालू माफियाओं के कारण क्षेत्र में पहले ही कई पुल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। 2022 में तोरपा इलाके का कुलड़ा पुल और कुदरी पुल टूट गए थे। खूंटी-सिमडेगा मुख्य पथ पर बना पुल भी टूटकर अलग हो गया। पथ निर्माण विभाग ने नए पुल के लिए 9.4 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण स्वीकृति दी, लेकिन डेढ़ साल बाद भी केवल तीन पिलर ही तैयार हुए हैं।

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प्रशासन की चेतावनी और कार्रवाई
एसपी मनीष टोप्पो ने बताया कि पुल के नीचे अवैध उत्खनन को रोकने के लिए स्थानीय थानेदार को निर्देशित किया गया है। वन विभाग और खनन विभाग ने नदियों के किनारे सड़कों पर गड्ढे खोदकर अवैध बालू उठाव रोकने का प्रयास किया है। जांच के बाद तस्करों और परिवहन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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