झारखंड बजट 2026-27 पर सबकी नजरें, रोजगार-महिला सशक्तिकरण और उद्योग पर क्या होंगे बड़े ऐलान?

Jharkhand Budget

Ranchi : झारखंड विधानसभा में 24 फरवरी को पेश होने जा रहे वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक उत्सुकता चरम पर है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा पेश किए जाने वाले इस बजट से राज्य में रोजगार, विकास, सामाजिक न्याय और बुनियादी ढांचे को लेकर बड़े फैसलों की उम्मीद जताई जा रही है। खास बात यह है कि यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब राज्य सरकार पर युवाओं को रोजगार, महिलाओं के सशक्तिकरण और औद्योगिक निवेश को गति देने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

रोजगार और निवेश पर रहेगा खास फोकस
आर्थिक जानकारों का मानना है कि इस बार सरकार युवाओं के लिए नई रोजगार योजनाओं और स्टार्टअप को बढ़ावा देने वाले प्रावधानों पर जोर दे सकती है। औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए नई नीतियों और प्रोत्साहन योजनाओं की घोषणा की भी संभावना जताई जा रही है। राज्य में बेरोजगारी और पलायन जैसे मुद्दों को देखते हुए स्वरोजगार और कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत करने की दिशा में बजट में विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं।

महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार
पिछले बजट में “मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना” को लेकर बड़ा प्रावधान किया गया था। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार भी महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं का दायरा बढ़ाया जा सकता है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार के साथ-साथ आदिवासी और ग्रामीण महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा होने की भी संभावना है।

सरकार का फोकस समाज के अंतिम पायदान तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर रहा है, इसलिए बजट में कल्याणकारी योजनाओं के लिए अतिरिक्त राशि मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मिल सकती है मजबूती
विशेषज्ञों के अनुसार शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए नए प्रावधान किए जा सकते हैं। सरकारी स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर, छात्रवृत्ति योजनाओं और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों को सशक्त करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।

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इसके अलावा सड़क, पेयजल, बिजली और कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढांचे पर भी बजट में बड़ा निवेश देखने को मिल सकता है, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच विकास की खाई कम हो सके।

बजट का संभावित आकार
आर्थिक विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026-27 का बजट 1.55 लाख करोड़ से 1.60 लाख करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह पिछले बजट की तुलना में करीब 7 से 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी। यह बढ़ोतरी नई योजनाओं को लागू करने और विकास परियोजनाओं को गति देने में अहम भूमिका निभा सकती है।

पिछले बजट का रहा था संतुलित फोकस
वित्तीय वर्ष 2025-26 में पेश “अबुआ बजट” में सामाजिक कल्याण और बुनियादी ढांचे के विकास के बीच संतुलन देखने को मिला था। महिलाओं, आदिवासियों और ग्रामीण आबादी को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं शुरू की गई थीं। रोजगार, कौशल विकास और ग्रामीण परियोजनाओं पर खास ध्यान दिया गया था, जिससे राज्य के विकास की दिशा तय हुई।

क्या तय करेगा नया बजट?
24 फरवरी को पेश होने वाला बजट यह साफ करेगा कि झारखंड सरकार विकास की मौजूदा दिशा को किस तरह आगे बढ़ाना चाहती है। क्या सरकार युवाओं के लिए नई नौकरियों का रास्ता खोलेगी, महिलाओं को आर्थिक रूप से और मजबूत करेगी या फिर उद्योग और निवेश के जरिए राज्य की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगी — इन सवालों के जवाब बजट भाषण में सामने आएंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाला बजट न सिर्फ आर्थिक रोडमैप तय करेगा बल्कि राज्य की भविष्य की विकास रणनीति की झलक भी देगा।

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