DAV नंदराज पब्लिक स्कूल में ‘उच्च शिक्षा एवं करियर मार्गदर्शन दिवस’ का आयोजन, 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों को विशेषज्ञों ने दिखाया सफल भविष्य का रास्ता
रांची: आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल अच्छे अंक प्राप्त करना ही सफलता की गारंटी नहीं है, बल्कि सही समय पर सही करियर का चुनाव भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए डी.ए.वी. नंदराज पब्लिक स्कूल, रांची में कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए “उच्च शिक्षा एवं करियर मार्गदर्शन दिवस” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बदलती वैश्विक परिस्थितियों, आधुनिक शिक्षा प्रणाली तथा रोजगार के नए अवसरों से परिचित कराना था, ताकि वे अपनी रुचि, क्षमता और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सही निर्णय ले सकें। यह विशेष करियर काउंसलिंग कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) की भावना के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को पारंपरिक करियर विकल्पों के साथ-साथ नई पीढ़ी के रोजगारोन्मुख क्षेत्रों की भी विस्तृत जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बताया—करियर चुनने से पहले खुद को समझना जरूरी
कार्यक्रम में कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर के प्राणी विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज सिंह तथा एलायंस यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु के रीजनल मैनेजर अजय सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। दोनों विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि करियर का चयन केवल समाज या परिवार की अपेक्षाओं के आधार पर नहीं, बल्कि अपनी रुचि, योग्यता, कौशल और व्यक्तित्व को ध्यान में रखकर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की क्षमता अलग होती है और उसी के अनुरूप चुना गया करियर ही दीर्घकाल में सफलता और संतुष्टि प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि भविष्य में वही युवा आगे बढ़ेंगे जो नई तकनीकों को सीखने और बदलती परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को लगातार अपडेट रखने की क्षमता विकसित करेंगे।

भविष्य उन्हीं का है जो नई तकनीकों को अपनाएंगे
विशेषज्ञों ने कहा कि आने वाले वर्षों में रोजगार का स्वरूप तेजी से बदलने वाला है। ऐसे में केवल पारंपरिक विषयों तक सीमित रहने के बजाय विद्यार्थियों को नई तकनीकों और आधुनिक क्षेत्रों में भी अपनी रुचि विकसित करनी चाहिए। इस दौरान विद्यार्थियों को निम्न क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई—
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence)
- डेटा साइंस एवं बिग डेटा एनालिटिक्स
- साइबर सुरक्षा
- मशीन लर्निंग
- रोबोटिक्स
- स्वास्थ्य विज्ञान एवं बायोटेक्नोलॉजी
- डिजाइन एवं क्रिएटिव इंडस्ट्री
- डिजिटल मीडिया एवं कंटेंट क्रिएशन
- उद्यमिता एवं स्टार्टअप
- बहुविषयक (Multidisciplinary) शिक्षा
विशेषज्ञों ने बताया कि इन क्षेत्रों में आने वाले वर्षों में रोजगार की संभावनाएं तेजी से बढ़ेंगी और विद्यार्थियों को अभी से इन विषयों की तैयारी शुरू करनी चाहिए।
NEP-2020 ने खोले शिक्षा के नए अवसर
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रमुख प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से अब उन्हें विषयों के चयन में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी तथा वे अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न विषयों का संयोजन कर सकते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि बहुविषयक शिक्षा (Multidisciplinary Education) भविष्य की आवश्यकता है। अब विज्ञान का विद्यार्थी प्रबंधन या डिजाइन का अध्ययन भी कर सकता है, जबकि कॉमर्स या आर्ट्स का छात्र तकनीकी विषयों में भी अपनी रुचि विकसित कर सकता है।
उच्च शिक्षा, छात्रवृत्ति और विदेश में पढ़ाई पर भी मिली जानकारी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को देश-विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया, छात्रवृत्ति योजनाओं, शैक्षणिक ऋण, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं और करियर प्लानिंग के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने Statement of Purpose (SOP) लिखने की कला, इंटरव्यू की तैयारी, प्रोफेशनल रिज्यूमे बनाने और उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक दस्तावेजों की भी जानकारी दी। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि समय रहते सही योजना बनाकर वे देश और विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं।
विश्वविद्यालयों ने लगाए सूचना काउंटर
कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने सूचना काउंटर स्थापित किए, जहां विद्यार्थियों और अभिभावकों ने विभिन्न पाठ्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रिया, फीस संरचना, छात्रवृत्ति और रोजगार की संभावनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रमुख विश्वविद्यालयों में शामिल थे—
- एलायंस यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु
- कलिंगा यूनिवर्सिटी, रायपुर
- अपोलो नॉलेज यूनिवर्सिटी
- एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी
- एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (SRM IST)
- सिक्किम मणिपाल यूनिवर्सिटी
इन विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की व्यक्तिगत जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें विभिन्न करियर विकल्पों की विस्तृत जानकारी दी।

प्राचार्य बोले—सही मार्गदर्शन ही सफलता की पहली सीढ़ी
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने कहा कि कक्षा 11वीं और 12वीं विद्यार्थियों के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है। इसी समय लिया गया निर्णय उनके पूरे भविष्य को प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा,
«“करियर काउंसलिंग केवल नौकरी चुनने का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को स्वयं को पहचानने और अपने जीवन का सही लक्ष्य निर्धारित करने की प्रक्रिया है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को भ्रम से बाहर निकालकर सही दिशा प्रदान करते हैं और उन्हें आत्मविश्वास के साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं।”»
उन्होंने आगे कहा कि विद्यालय समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा ताकि विद्यार्थियों को बदलती दुनिया की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सके।
विद्यार्थियों ने पूछा करियर से जुड़े सवाल
कार्यक्रम के अंत में इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों से विभिन्न पाठ्यक्रमों, करियर विकल्पों, प्रवेश परीक्षाओं, छात्रवृत्ति योजनाओं, रोजगार की संभावनाओं और भविष्य की चुनौतियों से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने प्रत्येक प्रश्न का विस्तार से उत्तर देते हुए विद्यार्थियों को व्यावहारिक सुझाव दिए। इस संवादात्मक सत्र ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बना दिया।

विद्यार्थियों के लिए साबित हुआ प्रेरणादायक आयोजन
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, यह करियर काउंसलिंग कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक और उपयोगी सिद्ध हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को न केवल उच्च शिक्षा और रोजगार के नए अवसरों की जानकारी मिली, बल्कि उन्होंने अपने भविष्य की स्पष्ट योजना बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।
शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यालय भविष्य में भी इसी प्रकार के करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ सफल और सुनियोजित करियर की दिशा भी मिल सके।






