झारखंड पुलिस मुख्यालय में DGP तदाशा मिश्र ने फहराया तिरंगा, गिनाईं पुलिस की बड़ी उपलब्धियां
















रांची: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झारखंड पुलिस मुख्यालय में आयोजित राजकीय समारोह में पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्र ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों और जवानों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और राज्य की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था तथा अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में झारखंड पुलिस की उपलब्धियों को सामने रखा। डीजीपी ने कहा कि झारखंड पुलिस पूरी प्रतिबद्धता, साहस और पेशेवर रणनीति के साथ राज्य को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से नक्सलवाद, संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों का उल्लेख किया।
नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता
डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2026 में जनवरी से 5 अगस्त तक नक्सल विरोधी अभियानों में 103 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा भी शामिल है। इसी अवधि में 46 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि पुलिस के साथ मुठभेड़ में 22 नक्सली मारे गए। इनमें एक करोड़ रुपये के इनामी अनल उर्फ पतिराम मांझी के मारे जाने को भी बड़ी सफलता बताया गया। अभियानों के दौरान पुलिस ने 98 हथियार, 7,470 कारतूस, 11 किलोग्राम विस्फोटक, तीन आईईडी और करीब छह लाख रुपये की लेवी बरामद की।















संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
डीजीपी ने कहा कि संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ झारखंड पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति जारी है। जनवरी से जुलाई 2026 तक संगठित अपराध से जुड़े 193 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 63 हथियार और 274 गोलियां बरामद की गईं। इसके अलावा 50 अपराधियों के खिलाफ CCA के तहत कार्रवाई की गई है।


















नशे के कारोबार पर भी कसा शिकंजा
युवाओं को नशे से बचाने के लिए मादक पदार्थों के खिलाफ भी पुलिस ने अभियान तेज किया है। जनवरी से जून 2026 तक नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और इस्तेमाल से जुड़े 710 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। डीजीपी ने कहा कि पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
साइबर अपराधियों पर कार्रवाई
डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराध को बड़ी चुनौती बताते हुए डीजीपी ने कहा कि जनवरी से जून 2026 के बीच साइबर अपराध से जुड़े 486 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान 17 लाख रुपये से अधिक की राशि समेत कई अवैध वस्तुएं बरामद की गईं। पुलिस की ओर से साइबर अपराध के पीड़ितों की रकम वापस उनके खातों में पहुंचाने की दिशा में भी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस आधुनिकीकरण को मिली रफ्तार
डीजीपी ने पुलिस आधुनिकीकरण के तहत उपलब्ध संसाधनों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 13 मार्च 2026 को आधुनिक पुलिस वाहनों का लोकार्पण किया था। इसके तहत झारखंड पुलिस को 636 चार पहिया और 849 दोपहिया वाहन उपलब्ध कराए गए। इससे पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और कानून-व्यवस्था व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिली है।
डायल-112 का रिस्पांस टाइम बेहतर
डीजीपी ने बताया कि शिकायतों की संख्या बढ़ने के बावजूद पुलिस का रिस्पांस टाइम बेहतर हुआ है। जनवरी में करीब 16 हजार शिकायतों के दौरान औसत रिस्पांस टाइम 9 मिनट 41 सेकंड था, जो जुलाई में करीब 23 हजार शिकायतों के बावजूद घटकर 9 मिनट 12 सेकंड हो गया।
पुलिसकर्मियों के कल्याण पर भी जोर
डीजीपी तदाशा मिश्र ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए किए जा रहे कल्याणकारी कार्यों की भी जानकारी दी। जनवरी से जुलाई 2026 के बीच पुलिस सहायता एवं कल्याण कोष से 1,007 लाभार्थियों को 3.69 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। पुलिस शिक्षा कोष से 9,443 लाभार्थियों के लिए 11.46 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। वहीं पुलिस परोपकारी कोष से 737 आश्रितों की सहायता के लिए करीब 3.93 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। डीजीपी ने बताया कि 153 पुलिसकर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी गई है।
वीरता पदक पाने वालों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन
पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए वीरता पदक प्राप्त 37 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया गया है। इसके अलावा अलग-अलग संवर्गों में भी पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई है। डीजीपी ने पुलिसकर्मियों से संविधान, कानून और राष्ट्रहित के प्रति पूरी निष्ठा के साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि झारखंड पुलिस राज्य की जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।






