धनबाद-बोकारो मार्ग पर फिर भू-धंसान, सड़क बंद, बारिश से बढ़ा खतरा
केंदुआ क्षेत्र में नया गोफ बना, आवागमन पूरी तरह ठप
धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले के केंदुआ क्षेत्र में लगातार हो रही तेज बारिश के बीच एक बार फिर भू-धंसान (गोफ) की घटना सामने आई है। धनबाद–बोकारो मुख्य मार्ग पर पहले से बने गोफ के ठीक बगल में नया गोफ बन गया है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है। बारिश का पानी तेजी से इस गोफ में समा रहा है, जिसके कारण इसका दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में मुख्य सड़क पूरी तरह खतरे की जद में आ गई है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रशासन ने किया मार्ग बंद
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए सड़क को दोनों ओर से बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया है। इस फैसले के बाद इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। स्थानीय लोगों में डर और दहशत का माहौल है, क्योंकि लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाएं खतरे का संकेत दे रही हैं।
15 दिनों से बंद है मार्ग, लोगों की बढ़ी परेशानी
बताया जा रहा है कि यह मार्ग पिछले करीब 15 दिनों से प्रभावित है और यातायात को वैकल्पिक रास्तों पर डायवर्ट किया गया है। इस वजह से रोजाना आने-जाने वाले लोगों, खासकर कामकाजी वर्ग और छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं।
बारिश से बढ़ा खतरा
लगातार हो रही बारिश ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। पानी के गोफ में जाने से जमीन की पकड़ कमजोर हो रही है, जिससे धंसान का खतरा और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बारिश इसी तरह जारी रही, तो गोफ का दायरा और बढ़ सकता है और सड़क का बड़ा हिस्सा धंस सकता है।
इलाके में पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
केंदुआ और आसपास के इलाकों में पहले भी कई बार भू-धंसान की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। यह क्षेत्र खनन प्रभावित इलाका माना जाता है, जहां जमीन के नीचे खाली जगह बनने के कारण इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। इसी कारण स्थानीय लोग हमेशा डर के साये में जीने को मजबूर हैं।
प्रशासन अलर्ट, निगरानी जारी
प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। सुरक्षा के लिहाज से लोगों को उस क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी गई है। धनबाद-बोकारो मार्ग पर हुआ यह भू-धंसान एक बार फिर इलाके की गंभीर स्थिति को उजागर करता है। बारिश के कारण खतरा और बढ़ गया है, जिससे प्रशासन को लगातार सतर्क रहना पड़ रहा है। अब जरूरत है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।





