LPG Price Shock: कमर्शियल सिलेंडर के बाद अब 5 किलो गैस भी महंगी, ₹261 की बढ़ोतरी
मई की शुरुआत में महंगाई का डबल झटका, जानिए नए रेट और असर
मुनादी लाइव :मई महीने की शुरुआत के साथ ही एलपीजी उपभोक्ताओं और कारोबारियों को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियों द्वारा गैस सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा की जाती है और इस बार यह बदलाव काफी भारी साबित हुआ है। 1 मई 2026 को जारी नए रेट के अनुसार 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में तेज उछाल आया है। इसके कुछ ही घंटों बाद 5 किलो वाले एफटीएल (FTL) सिलेंडर की कीमत में भी ₹261 की बढ़ोतरी कर दी गई, जिससे छोटे उपभोक्ताओं और व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय है।
कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बड़ा उछाल
तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि की है। नई दरों के अनुसार राजधानी दिल्ली में इसका दाम बढ़कर ₹3,071.50 हो गया है। अन्य महानगरों में भी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मुंबई में यह सिलेंडर ₹3,024, कोलकाता में ₹3,202 और चेन्नई में ₹3,237 तक पहुंच गया है। कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने का सीधा असर होटल, ढाबा, रेस्तरां, केटरिंग और छोटे व्यवसायों पर पड़ेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
5 किलो FTL सिलेंडर भी हुआ महंगा
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने के तुरंत बाद 5 किलो वाले एफटीएल सिलेंडर की कीमत में भी ₹261 का इजाफा कर दिया गया। पहले यह सिलेंडर अलग-अलग शहरों में ₹516 से ₹555 के बीच मिल रहा था, लेकिन अब इसकी कीमत बढ़कर करीब ₹700 से ₹800 के बीच पहुंच गई है। अगर कोई ग्राहक इसे सिलेंडर किट के साथ खरीदता है, तो उसे लगभग ₹1500 तक खर्च करना पड़ सकता है। यह सिलेंडर खासकर छोटे व्यवसायियों, स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और कम खपत वाले उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रिय है। ऐसे में इसकी कीमत बढ़ने से इस वर्ग पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।
घरेलू ग्राहकों को फिलहाल राहत
इस महंगाई के बीच एक राहत की खबर यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। आखिरी बार घरेलू गैस सिलेंडर के दाम 7 मार्च 2026 को बढ़ाए गए थे, जब इसमें ₹60 की वृद्धि की गई थी। घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर रहने से आम उपभोक्ताओं को फिलहाल कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन कमर्शियल गैस की बढ़ती कीमतों का अप्रत्यक्ष असर उनके दैनिक खर्च पर पड़ सकता है।
क्यों बढ़ रहे हैं गैस के दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण एलपीजी की लागत बढ़ी है। खासतौर पर अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के चलते वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इससे एलपीजी की उपलब्धता पर दबाव पड़ा है और कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। इसके अलावा, सरकार द्वारा पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देने की नीति भी एलपीजी बाजार को प्रभावित कर रही है।
हर महीने होती है समीक्षा
गौरतलब है कि तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। यह समीक्षा अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर-रुपया विनिमय दर और अन्य आर्थिक कारकों को ध्यान में रखकर की जाती है। ग्राहक अपने शहर के ताजा रेट इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आसानी से देख सकते हैं।
महंगाई का असर आम जीवन पर
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि का असर सिर्फ व्यवसायों तक सीमित नहीं रहेगा। रेस्तरां और होटल अपने बढ़े हुए खर्च को ग्राहकों पर डाल सकते हैं, जिससे खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने की संभावना है। वहीं, छोटे विक्रेताओं के लिए यह बढ़ोतरी सीधे उनके मुनाफे को प्रभावित कर सकती है।
एलपीजी की बढ़ती कीमतें एक बार फिर महंगाई की चिंता को बढ़ा रही हैं। कमर्शियल और छोटे सिलेंडरों के दाम में वृद्धि से बाजार पर दबाव बढ़ेगा। हालांकि घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर रहने से आम उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन कुल मिलाकर यह बदलाव आने वाले समय में महंगाई को और बढ़ा सकता है। अब सबकी नजर अगली समीक्षा पर टिकी है, जहां यह देखना होगा कि कीमतों में और बदलाव होता है या नहीं।






