लिट्टीपाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का दौरा, कालाजार उन्मूलन अभियान की जमीनी समीक्षा

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पाकुड़: राष्ट्रीय व राज्य स्तर की टीम ने किया निरीक्षण

पाकुड़ : पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का निरीक्षण शुक्रवार को राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NVBDCP) के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने किया। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय कार्यक्रम की संयुक्त निदेशक डॉ. छवि पंत जोशी ने किया।

उनके साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के वैज्ञानिक डॉ. सौरभ जैन,
चिकित्सा प्रभारी डॉ. मुकेश बेसरा, तथा राज्य व केंद्रीय स्तर के अन्य वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे।

कालाजार उन्मूलन अभियान की जमीनी समीक्षा
टीम के दौरे का मुख्य उद्देश्य था — जिले में चल रहे कालाजार उन्मूलन अभियान की वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन करना और इसकी कार्यान्वयन क्षमता एवं प्रभावशीलता की जमीनी समीक्षा करना।

टीम ने इस दौरान प्रभावित गांवों, आशा केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य इकाइयों का भ्रमण किया। स्थानीय स्तर पर चल रही स्प्रे गतिविधियों, रोग पहचान प्रणाली और उपचार व्यवस्था का निरीक्षण किया गया।

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स्वास्थ्यकर्मियों व ग्रामीणों से संवाद
प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों, पंचायत प्रतिनिधियों और समुदाय से जुड़े लोगों के साथ फीडबैक सेशन किया। इस दौरान कालाजार उन्मूलन में आ रही स्थानीय चुनौतियों, जनजागरूकता की कमी और तकनीकी संसाधनों की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की गई।

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डब्ल्यूएचओ के वैज्ञानिक डॉ. सौरभ जैन ने कहा कि

“झारखंड के ग्रामीण इलाकों में कालाजार नियंत्रण अभियान की रफ्तार सराहनीय है,
लेकिन फील्ड मॉनिटरिंग और सामुदायिक भागीदारी को और मजबूत करने की आवश्यकता है।”

रणनीतिक समीक्षा बैठक में बना नया एक्शन प्लान
निरीक्षण के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला व राज्य अधिकारियों के साथ रणनीतिक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में कालाजार उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य (Elimination by 2025) को ध्यान में रखते हुए
अगले तीन महीनों के लिए “इंटेंसिव फॉलो-अप प्लान” तैयार किया गया।

डॉ. छवि पंत जोशी ने कहा —

“ग्रामीण स्वास्थ्य नेटवर्क को सशक्त बनाकर ही कालाजार को समाप्त किया जा सकता है।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्यकर्मी मिलकर अगर जागरूकता बढ़ाएं तो यह बीमारी पूरी तरह नियंत्रित हो सकती है।”

स्थानीय स्तर पर उत्साह और सक्रियता
दौरे के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने टीम को बताया कि लिट्टीपाड़ा प्रखंड में पिछले एक वर्ष में कालाजार के नए मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। स्प्रे कार्य और रोगी फॉलोअप को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है।

इस मौके पर बीपीएम विजय शेखर, एमटीएस विक्की रजक, सिमोन माल्टो, एएनएम और आशा कार्यकर्ता सहित कई स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में अहम कदम
यह दौरा झारखंड के लिए कालाजार मुक्त राज्य बनने के राष्ट्रीय मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले छह महीनों में सभी कालाजार प्रभावित ब्लॉकों में शून्य संक्रमण लक्ष्य हासिल करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

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