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झारखंड CID की बड़ी कार्रवाई: साइबर स्लेवरी केस में मुंबई से दाऊद अहमद गिरफ्तार

Cyber Slavery

विदेश में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को साइबर ठगी में झोंकने वाले गिरोह का भारतीय एजेंट पकड़ा गया

मुनादी लाइव : रांची से संचालित कार्रवाई में झारखंड CID की साइबर क्राइम ब्रांच ने अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी मामले में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने महाराष्ट्र के डोंगरी इलाके से दाऊद अहमद को गिरफ्तार किया है।

सीआईडी के अनुसार, दाऊद अहमद इस पूरे साइबर स्लेवरी रैकेट का भारतीय एजेंट था, जो झारखंड समेत देश के कई युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद इन युवाओं को म्यांमार भेज दिया जाता था, जहां उन्हें जबरन साइबर ठगी के धंधे में लगाया जाता था।

जांच में सामने आया है कि आरोपी विदेशी साइबर अपराधियों के साथ मिलकर संगठित तरीके से काम करता था। यह गिरोह युवाओं को आकर्षक नौकरी, ऊंची सैलरी और बेहतर भविष्य का लालच देकर भर्ती करता था और फिर उन्हें साइबर अपराध करने के लिए मजबूर करता था।

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म्यांमार के साइबर पार्कों में भेजे गए युवाओं से ऑनलाइन ठगी कराई जाती थी, जिसमें निवेश घोटाले, डिजिटल अरेस्ट जैसे नए तरीके शामिल थे। इन गतिविधियों में शामिल होने से इनकार करने पर युवाओं को बंधक बनाकर प्रताड़ित किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

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सीआईडी ने बताया कि मुंबई पुलिस के सहयोग से इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दाऊद अहमद को गिरफ्तार किया गया है और उससे पूछताछ जारी है।

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इस मामले में पहले भी एक बड़ी गिरफ्तारी हो चुकी है। मानगो निवासी सरताज बालम को इस रैकेट का अहम सदस्य होने के आरोप में पहले ही पकड़ा जा चुका है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क है, जिसमें भारत के अलावा कई अन्य देशों के अपराधी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल सीआईडी इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और आगे भी कई अहम खुलासे होने की संभावना है।

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