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रांची से बांग्लादेश तक फैला कोडीन कफ सिरप तस्करी का जाल

Drug Smuggling

Ranchi : रांची से संचालित हो रहे कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने से कानून व्यवस्था से जुड़े महकमे में हड़कंप मच गया है। यूपी पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड भोला जायसवाल है, जो फर्जी दस्तावेजों और नकली बिल्टी के सहारे प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप बांग्लादेश तक भेज रहा था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह तस्करी नेटवर्क सुनियोजित तरीके से रांची को अपना ऑपरेशन बेस बनाकर चलाया जा रहा था, जहां से सप्लाई, फर्जी कागजात और मनी ट्रेल को नियंत्रित किया जा रहा था।

फर्जी मेडिकल फर्मों के सहारे चलता था अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क
यूपी पुलिस ने चंदौली जिले के मुगलसराय क्षेत्र में सात लोगों और फर्मों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। इन पर आरोप है कि वे फर्जी मेडिकल लाइसेंस और कागजी कंपनियों के नाम पर कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध खेप को वैध कारोबार का रूप दे रहे थे।

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जिन लोगों और फर्मों के नाम सामने आए हैं, उनमें समृद्धि इंटरप्राइजेज की अंजलि रानी कसेरा, चॉइस डिस्ट्रीब्यूटर्स के आलोक प्रजापति, मेसर्स एसपी फार्मा की सबा परवीन, विष्णु मेडिकल एजेंसी के आकाश गुप्ता, न्यू केसरी मेडिकल एजेंसी के स्वप्निल केसरी और मुख्य फर्म शैली ट्रेडर्स शामिल हैं।

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जमीन पर कोई कारोबार नहीं, फिर भी बनती रहीं बिल्टियां
पुलिस द्वारा की गई फिजिकल जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि इन नामों से जुड़े किसी भी मेडिकल स्टोर या फर्म का वास्तविक संचालन नहीं हो रहा था। न तो दवाओं की खरीद-बिक्री हो रही थी और न ही कोई वैध मेडिकल गतिविधि पाई गई।

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इसके बावजूद इन्हीं फर्जी फर्मों के दस्तावेजों के आधार पर कोडीन युक्त कफ सिरप की बड़ी खेप के लिए बिल्टियां तैयार की जाती रहीं, जिन्हें अलग-अलग राज्यों से होते हुए बांग्लादेश तक भेजा गया।

लाइसेंस और बिल्टी बेचने का रैकेट, हर महीने मोटी रकम
जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी खुद दवा व्यवसाय से जुड़े नहीं थे। वे केवल अपने नाम पर जारी मेडिकल लाइसेंस, फर्जी बिल और ट्रांसपोर्ट दस्तावेज उपलब्ध कराने के बदले तस्करों से हर महीने मोटी रकम वसूलते थे।

इस तरह कागजी जालसाजी के जरिए एक संगठित अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क को सुरक्षित कवर दिया जा रहा था।

तुपुदाना में शैली ट्रेडर्स पर छापेमारी से खुली परतें
इस नेटवर्क की असली परतें तब खुलीं जब रांची पुलिस ने 23 दिसंबर को तुपुदाना इंडस्ट्रियल एरिया स्थित शैली ट्रेडर्स के तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में दस्तावेज, ब्लैंक चेक और दो हथियार बरामद हुए।

जब्त कागजातों से अंतरराज्यीय मनी ट्रेल, फर्जी बिलिंग सिस्टम और कफ सिरप सप्लाई चेन से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे, जिसने जांच को नई दिशा दी।

ईडी पहले भी कर चुकी है रेड, मनी लॉन्ड्रिंग का एंगल मजबूत
गौरतलब है कि इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी शैली ट्रेडर्स के ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। इससे यह साफ हो गया है कि मामला सिर्फ प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मनी लॉन्ड्रिंग और संगठित आर्थिक अपराध का एंगल भी जुड़ा हुआ है।

लुकआउट नोटिस के बाद बढ़ेगी गिरफ्तारी की रफ्तार
यूपी पुलिस द्वारा लुकआउट नोटिस जारी किए जाने के बाद माना जा रहा है कि इस नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े नाम जल्द सामने आ सकते हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि रांची से बांग्लादेश तक इस तस्करी रूट में किन-किन राज्यों और लोगों की भूमिका रही है।

यह मामला न सिर्फ ड्रग कंट्रोल सिस्टम की गंभीर खामियों को उजागर करता है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि आखिर किस तरह फर्जी मेडिकल लाइसेंस और कागजी कंपनियों के सहारे अंतरराष्ट्रीय तस्करी लंबे समय तक चलती रही।

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