JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामला: पूर्व मुख्य सचिव एल. ख्यांग्ते की जमानत पर फैसला सुरक्षित, 5 सितंबर को आएगा आदेश
Ranchi News: JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में जेल में बंद झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव और JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की जमानत याचिका पर बुधवार को CID की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब अदालत 5 सितंबर 2026 को जमानत पर अपना फैसला सुनाएगी। एल. ख्यांग्ते की गिरफ्तारी के बाद से ही यह मामला झारखंड की प्रशासनिक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। CID की जांच में TDPL को परीक्षा आयोजित करने का काम दिए जाने और कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है।
बचाव पक्ष ने कहा- कोई ठोस सबूत नहीं
सिविल कोर्ट के अधिवक्ता संजय कुमार के अनुसार, सुनवाई के दौरान एल. ख्यांग्ते की ओर से वरीय अधिवक्ता अनिल कुमार और अधिवक्ता चंदना कुमारी ने अदालत के समक्ष दलीलें रखीं। बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि एल. ख्यांग्ते के खिलाफ ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है, जिससे JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी में उनकी प्रत्यक्ष संलिप्तता साबित हो सके। अधिवक्ताओं की ओर से यह भी दलील दी गई कि जांच के दौरान हुई छापेमारी में भी ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला, जो उनके खिलाफ आरोपों को सीधे साबित करता हो। बचाव पक्ष ने उनकी गिरफ्तारी को भी अवैध बताते हुए अदालत से जमानत देने की मांग की।
CID ने TDPL को लेकर लगाए गंभीर आरोप
वहीं, CID की ओर से अदालत में एल. ख्यांग्ते की कथित भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए। जांच एजेंसी के मुताबिक, TDPL को परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी दिए जाने में एल. ख्यांग्ते की भूमिका रही थी। CID का आरोप है कि TDPL की ओर से आयोजित की जा रही परीक्षाओं में कथित तौर पर पारदर्शिता नहीं बरती जा रही थी और इसकी जानकारी एल. ख्यांग्ते को थी। जांच एजेंसी के अनुसार, इसके बावजूद उन्होंने कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई नहीं की। पिछली सुनवाई के दौरान CID की ओर से अदालत में केस डायरी भी पेश की गई थी। बुधवार को दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
10 अगस्त को हुई थी गिरफ्तारी
CID ने एल. ख्यांग्ते को 10 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी की ओर से उन पर TDPL से कथित तौर पर करीब 2 करोड़ रुपये कमीशन लेने का आरोप लगाया गया है। गिरफ्तारी के बाद CID ने उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद से वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। हालांकि, कमीशन लेने समेत CID की ओर से लगाए गए आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की सुनवाई के बाद ही होगा।
JPSC परीक्षा मामले में 16/2026 कांड दर्ज
JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर CID ने कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया है। इसी मामले की जांच के दौरान एल. ख्यांग्ते की गिरफ्तारी हुई। जांच एजेंसी इस मामले में परीक्षा प्रक्रिया, TDPL की भूमिका, कथित आर्थिक लेनदेन और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। मामले में CID की कार्रवाई लगातार जारी है।
अब 5 सितंबर पर टिकी नजर
बुधवार को जमानत पर दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब 5 सितंबर को विशेष अदालत का फैसला सामने आएगा। एल. ख्यांग्ते को जमानत मिलती है या उनकी न्यायिक हिरासत आगे जारी रहती है, इस पर अब सभी की नजरें टिकी हैं। वहीं, JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामले में CID की आगे की जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






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