JLKM महाअधिवेशन 2025 में जयराम महतो का ऐलान: अब जाति नहीं, रोटी-रोजगार की राजनीति करेगा झारखंड
Jairam Mahto's announceझारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का 2025 महाअधिवेशन संपन्न, सभी प्रमंडलों में घोषित हुए पदाधिकारी | जातिवाद को नकारते हुए स्थानीयता, नियोजन और विस्थापन को बनाया जाएगा पार्टी का मुख्य एजेंडा
बोकारो, झारखंड: झारखंड में राजनीति की धारा को बदलने की एक नई कोशिश की शुरुआत हो चुकी है। डुमरी विधायक जयराम महतो की अगुवाई में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने अपने महाअधिवेशन 2025 के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया कि आने वाले समय में पार्टी की राजनीति जातिवाद नहीं, बल्कि जन सरोकारों पर केंद्रित होगी।बोकारो में आयोजित इस अधिवेशन में राज्यभर से सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की मौजूदगी रही। संगठनात्मक स्तर पर सभी प्रमंडलों में पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई, और आने वाले महीनों की रणनीति को लेकर विस्तृत मंथन हुआ।
जयराम महतो ने बदली राजनीतिक परिभाषा
जयराम महतो ने अपने भाषण में तीखे अंदाज़ में कहा कि JLKM झारखंड में न तो जातिवादी राजनीति करेगी और न ही किसी वंशवाद की भक्ति।
“हमारी लड़ाई झारखंड की मिट्टी, उसकी स्थानीयता, रोजगार, विस्थापन और न्याय के लिए है। राजनीति अब उन्हीं के लिए बचेगी जो इन मुद्दों के लिए सड़क पर उतरेंगे।”
नियोजन, विस्थापन और स्थानीयता बना मुख्य एजेंडा
अधिवेशन के मुख्य मुद्दों में नियोजन नीति की खामियों, खदान क्षेत्रों में हो रहे विस्थापन और स्थानीयता की स्पष्ट परिभाषा शामिल रही। महतो ने कहा कि राज्य के युवाओं को उचित नौकरी और पहचान दिलाने के लिए JLKM चरणबद्ध संघर्ष शुरू करेगा।
संगठन विस्तार और जनसंपर्क यात्रा की घोषणा
JLKM ने हर प्रमंडल और जिला में “जनसंघर्ष समिति” के गठन की योजना बनाई है। ये समितियाँ जमीनी मुद्दों को चिन्हित करेंगी और ब्लॉक स्तर पर संघर्ष और संवाद की रणनीति पर काम करेंगी। जयराम महतो ने घोषणा की कि पार्टी अगस्त महीने से पूरे राज्य में “संघर्ष यात्रा” निकालेगी जो हर गांव और कस्बे तक जाएगी।
युवा, महिला और छात्र मोर्चा को भी मिलेगा बल
महाअधिवेशन में JLKM के महिला मोर्चा, छात्र इकाई और युवा संगठन को पुनर्गठित करने का निर्णय भी लिया गया। युवा मोर्चा को बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं की अनियमितता और शिक्षा की बदहाली जैसे मुद्दों पर अभियान चलाने की जिम्मेदारी दी गई है।
राजनीति से आंदोलन की ओर JLKM
अधिवेशन के समापन पर जयराम महतो ने कहा कि JLKM अब केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि “आंदोलन आधारित जन संगठन” के रूप में आगे बढ़ेगा। उनका उद्देश्य है झारखंड को उसके संसाधनों और सम्मान के साथ खड़ा करना। JLKM का 2025 महाअधिवेशन झारखंड की राजनीति में जातिगत समीकरणों को तोड़ने और हक-हुकूक की राजनीति को पुनः स्थापित करने की एक गंभीर पहल बनकर सामने आया है। जयराम महतो का नया विमर्श निश्चित ही राज्य की राजनीति में बहस को नई दिशा देगा। यदि यह यात्रा जनसरोकारों से जुड़ी रही, तो JLKM झारखंड की राजनीति में मजबूत विकल्प बन सकता है |
मुनादी लाइव डेस्क | रिपोर्टिंग: बोकारो ब्यूरो






