झारखंड में राशन कार्ड धारकों के लिए नया नियम! अब बतानी होगी जाति, सरकार ने शुरू की डिजिटल अपडेट प्रक्रिया
रांची: झारखंड सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) के तहत राशन लेने वाले करोड़ों लाभुकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब राज्य के करीब 68 लाख राशन कार्ड धारकों को अपने राशन कार्ड में डिजिटल जाति प्रमाण पत्र (Digital Caste Certificate) के आधार पर अपनी जाति दर्ज करानी होगी। सरकार ने इस प्रक्रिया की शुरुआत 5 जुलाई से कर दी है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य जन वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी बनाना, लाभुकों का सटीक सामाजिक डेटा तैयार करना और योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
सभी कार्डधारकों पर लागू होगा नियम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नियम किसी एक जाति या वर्ग के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) से जुड़े सभी पात्र राशन कार्डधारकों पर समान रूप से लागू होगा। यानी अब हर पात्र लाभुक को अपने राशन कार्ड में जाति का विवरण दर्ज कराना होगा। इसके लिए केवल डिजिटल जाति प्रमाण पत्र ही मान्य होगा।
सिर्फ डिजिटल जाति प्रमाण पत्र होगा स्वीकार
सरकार के निर्देश के अनुसार अब पुराने या नए राशन कार्ड में जाति दर्ज कराने के लिए केवल डिजिटल रूप से जारी जाति प्रमाण पत्र ही स्वीकार किया जाएगा। यह प्रक्रिया ई-पॉस (e-POS) मशीन और मोबाइल ऐप के माध्यम से पूरी की जा रही है। इसकी जिम्मेदारी पीडीएस (राशन) दुकानदारों को दी गई है।
इन लाभुकों को मिली छूट
सरकार ने कुछ श्रेणियों के लाभुकों को इस प्रक्रिया से छूट भी दी है।
- प्राथमिकता वाले सफेद राशन कार्ड धारक
- विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के लाभुक
इन दोनों श्रेणियों के लाभार्थियों को अपनी जाति का विवरण देने की आवश्यकता नहीं होगी।
सरकार ने क्यों शुरू की यह व्यवस्था?
सरकार का कहना है कि राशन कार्ड में जाति का विवरण जोड़ने से राज्य में लाभुकों का एक सटीक सामाजिक डेटाबेस तैयार होगा। इससे यह पता चल सकेगा कि किस सामाजिक वर्ग के कितने लोग सरकारी खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। सरकार का मानना है कि इससे भविष्य में योजनाओं की बेहतर मॉनिटरिंग, नीति निर्माण और लाभों के वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी।
5 जुलाई से शुरू हो चुका है अभियान
राज्य सरकार ने बताया कि 5 जुलाई से राशन कार्ड में डिजिटल जाति प्रमाण पत्र जोड़ने का ऑनलाइन अभियान शुरू किया जा चुका है। अब तक 319 राशन कार्डों में जाति का विवरण अपडेट किया जा चुका है। विभाग की ओर से शेष राशन कार्डों में भी तेजी से जानकारी अपडेट करने का काम जारी है।
जाति प्रमाण पत्र नहीं होने पर भी राशन नहीं रुकेगा
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई लाभुक फिलहाल डिजिटल जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं करा पाता है, तो उसका राशन बंद नहीं किया जाएगा।यानी यह प्रक्रिया डेटा अपडेट के उद्देश्य से शुरू की गई है और केवल प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी पात्र लाभुक का राशन रोका नहीं जाएगा।
राशन डीलरों को दिए गए निर्देश
सरकार ने पीडीएस दुकानदारों को इस प्रक्रिया के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया है। साथ ही स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि यदि कोई राशन डीलर जाति अपडेट करने के नाम पर लाभुकों से किसी प्रकार की राशि वसूलता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने लाभुकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सहयोग करें और केवल अधिकृत माध्यम से ही अपने राशन कार्ड की जानकारी अपडेट कराएं।






