ऑनलाइन गेमिंग के कर्ज ने बना दिया कातिल, साहिबगंज हत्या कांड का सनसनीखेज खुलासा
साहिबगंज: साहिबगंज नगर थाना क्षेत्र के तालबन्ना मोहल्ला में हुई बुजुर्ग विश्वनाथ प्रसाद गुप्ता की लूटपाट के दौरान हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस सनसनीखेज कांड में कोई बाहर का अपराधी नहीं, बल्कि मृतक का चचेरा पोता ही साजिशकर्ता और कातिल निकला। साहिबगंज पुलिस ने त्वरित और सटीक कार्रवाई करते हुए इस मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर पूरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है।
पुलिस के अनुसार, हत्या की मुख्य वजह ऑनलाइन गेमिंग की लत और उससे बना करीब 50 लाख रुपये का कर्ज है।
देर रात मिली हत्या की सूचना, पुलिस तुरंत हरकत में आई
कुछ दिन पहले देर रात तालबन्ना निवासी विश्वनाथ प्रसाद गुप्ता की उनके ही घर में निर्मम हत्या और लूटपाट की सूचना नगर थाना को मिली थी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने वरीय अधिकारियों को अवगत कराया। मृतक की पुत्री ज्योति कुमारी गुप्ता के बयान पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए साहिबगंज एसपी अमित कुमार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, जिसमें फॉरेंसिक, डॉग स्क्वॉड और तकनीकी टीम को भी शामिल किया गया।
तकनीकी जांच बनी गेमचेंजर
घटनास्थल से मृतक के कमरे से सोने के जेवर, नकदी बैंक से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब पाए गए, जिससे लूट की पुष्टि हुई।पुलिस को सबसे बड़ी सफलता तकनीकी जांच से मिली। मोबाइल और डिजिटल ट्रांजैक्शन के आधार पर पुलिस ने दुमका जिले के जरमुंडी निवासी साइबर अपराधी सोहित कुमार राउत को हिरासत में लिया। पूछताछ में सोहित टूट गया और उसने बड़ा खुलासा कर दिया।
पोते ने रची साजिश, IRB जवानों को बनाया हथियार
सोहित ने पुलिस को बताया कि तालबन्ना निवासी सुमित कुमार गुप्ता, जो मृतक का चचेरा पोता है, उसने ही उसे मृतक के दो मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक दस्तावेज दिए थे, ताकि खातों से पैसे निकाले जा सकें। इस बयान के आधार पर पुलिस ने मुख्य अभियुक्त सुमित कुमार गुप्ता को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सुमित ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
ऑनलाइन गेमिंग की लत और 50 लाख का कर्ज
पूछताछ में सुमित ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वह ‘Daman’ नाम के ऑनलाइन गेम का आदी था। इस लत के कारण उस पर करीब 50 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। आर्थिक तंगी से उबरने के लिए उसने अपने ही चचेरे दादा को निशाना बनाया। सुमित को पता था कि विश्वनाथ प्रसाद गुप्ता को हाल ही में पैतृक संपत्ति बेचने से बड़ी रकम मिली है। इसी लालच में उसने IRB-8 के जवान अमन कुमार जयसवाल के साथ मिलकर लूट और हत्या की योजना बनाई।
IRB जवान भी गिरफ्तार, तीन आरोपी सलाखों के पीछे
पुलिस ने सुमित के बयान के आधार पर IRB-8 के जवान अमन कुमार जयसवाल और साइबर अपराधी सोहित कुमार राउत को भी गिरफ्तार किया। तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
लूट का सामान और हथियार बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूटे गए सभी सामान बरामद कर लिए हैं, जिनमें शामिल हैं—
- 1,24,000 रुपये नकद
- सोने की अंगूठियां और मंगलसूत्र
- मृतक के सभी बैंक दस्तावेज
- दो मोबाइल फोन
इसके अलावा, हत्या में इस्तेमाल की गई अवैध पिस्टल और चार जिंदा कारतूस को साहिबगंज के मालगोदाम के पास जमीन में गड़ा हुआ बरामद किया गया। इस बरामदगी के बाद नगर थाना में आर्म्स एक्ट के तहत एक अलग मामला भी दर्ज किया गया है।
यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि ऑनलाइन गेमिंग की लत, कर्ज और लालच की खौफनाक परिणति है। जिस पोते को परिवार का भविष्य माना जाता था, वही अपने दादा का कातिल निकला। इस केस ने समाज के सामने एक गंभीर सवाल खड़ा किया है—
क्या डिजिटल लत चुपचाप परिवारों को बर्बादी की ओर धकेल रही है?






