धनबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: प्रिंस खान गैंग के दो कुख्यात शूटर गिरफ्तार, 2024 की हत्या का राज खुला
धनबाद: धनबाद पुलिस को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। कुख्यात प्रिंस खान गैंग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने गिरोह के प्रमुख अपराधी और शूटर दीपक वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही सरायकेला जिले में ताबड़तोड़ छापेमारी कर पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे शूटर बमकर चौधरी को भी दबोच लिया है।
धनबाद पुलिस शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दोनों गिरफ्तारियों का औपचारिक खुलासा कर सकती है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई धनबाद जिले में संगठित अपराध के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
2024 की हत्या का आरोपी बमकर चौधरी पुलिस के हत्थे चढ़ा
पुलिस के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2024 में शाहबुद्दीन नामक व्यक्ति की हत्या के पीछे प्रिंस खान गिरोह का हाथ था। इस हत्या को अंजाम देने वाला शूटर कोई और नहीं बल्कि बमकर चौधरी था। हत्या के बाद से ही बमकर चौधरी धनबाद पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। वह लगातार ठिकाने बदल रहा था और झारखंड के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी छिपता फिर रहा था। बमकर की गिरफ्तारी को पुलिस इसीलिए बड़ी उपलब्धि मान रही है, क्योंकि यह मामला लंबे समय से लंबित था।
एसएसपी प्रभात कुमार को मिली गुप्त सूचना, तेज हुई कार्रवाई
धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार को शुक्रवार को एक अहम गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया कि प्रिंस खान गिरोह के दो बड़े अपराधी अलग-अलग इलाकों में सक्रिय हैं और किसी बड़ी वारदात की फिराक में हो सकते हैं। सूचना मिलते ही एसएसपी ने विशेष टीम गठित की और पिछले दो दिनों से गैंग के खिलाफ सघन निगरानी शुरू कर दी गई। मोबाइल लोकेशन, तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने दोनों अपराधियों के ठिकानों को ट्रैक करना शुरू किया।
शुक्रवार रात हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई में पहले दीपक वर्मा को दबोचा गया और फिर सरायकेला जिले में छापेमारी कर बमकर चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया।
दीपक वर्मा: प्रिंस खान गैंग का सक्रिय शूटर
दीपक वर्मा को प्रिंस खान गैंग का बेहद भरोसेमंद शूटर माना जाता है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह गैंग के लिए रंगदारी वसूली, फायरिंग और अपराधियों को शरण देने जैसे कई मामलों में शामिल रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि दीपक वर्मा कई मामलों में गैंग के लिए हथियार और लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराता था। उसकी गिरफ्तारी से गैंग के अंदरूनी नेटवर्क, फंडिंग और हथियार सप्लाई से जुड़ी कई अहम जानकारियाँ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरायकेला से गिरफ्तारी: पुलिस की समन्वित कार्रवाई
बमकर चौधरी की गिरफ्तारी सरायकेला जिले से होना यह दिखाता है कि प्रिंस खान गिरोह सिर्फ धनबाद तक सीमित नहीं था। गैंग का नेटवर्क झारखंड के कई जिलों में फैला हुआ है। धनबाद पुलिस ने इस ऑपरेशन के लिए सरायकेला पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया और संयुक्त कार्रवाई के तहत बमकर को दबोचा गया। सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के समय बमकर के पास से कुछ अहम सुराग भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
पिछले दो दिनों से चल रहा था ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार, धनबाद पुलिस पिछले दो दिनों से लगातार प्रिंस खान गिरोह के अपराधियों पर नजर बनाए हुए थी।
तकनीकी निगरानी, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मुखबिर तंत्र के जरिए अपराधियों की गतिविधियों को ट्रैक किया जा रहा था। इस दौरान पुलिस को यह भी इनपुट मिला कि गैंग के कुछ सदस्य फिर से सक्रिय होने की कोशिश कर रहे हैं। इसी कारण एसएसपी स्तर से तत्काल कार्रवाई का फैसला लिया गया।
गैंग पर शिकंजा, आगे और खुलासों की संभावना
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि दोनों शूटरों की गिरफ्तारी से प्रिंस खान गैंग को बड़ा झटका लगा है।
पूछताछ के दौरान इनसे गिरोह के अन्य सदस्यों, शरण देने वालों, फंडिंग नेटवर्क और हथियार सप्लायरों के बारे में जानकारी मिलने की संभावना है। धनबाद पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।
संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस का सख्त रुख
दीपक वर्मा और बमकर चौधरी की गिरफ्तारी यह साफ संकेत है कि धनबाद पुलिस अब संगठित अपराध और गैंगवार मामलों को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतने वाली। एसएसपी प्रभात कुमार के नेतृत्व में की गई यह कार्रवाई न सिर्फ 2024 की हत्या के मामले में अहम है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि अपराध चाहे जितना पुराना हो, कानून से बचकर कोई नहीं निकल सकता। आने वाले समय में प्रिंस खान गिरोह के बाकी बचे गुर्गों पर भी पुलिस की नजर टिकी हुई है।








