रांची के विडोरा बार में चल रहा था नशे का कारोबार — जिला प्रशासन ने मारा छापा, ₹70,000 का जुर्माना
रांची : राजधानी रांची में जिला प्रशासन ने रविवार रात एक बड़े हुक्का रैकेट का पर्दाफाश किया। लालपुर थाना क्षेत्र के प्लाजा चौक स्थित विडोरा बार एंड लॉन्ज में छापेमारी के दौरान हुक्का परोसते हुए कई लोगों को रंगे हाथ पकड़ा गया। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ₹70,000 का जुर्माना लगाया और बार संचालक को कड़ी चेतावनी दी कि “भविष्य में दोहराव पर लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।”
जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई — SDM ने दिया निर्देश
यह कार्रवाई अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) श्री उत्कर्ष कुमार के निर्देश पर की गई। उनके नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम ने कोटपा अमेंडमेंट एक्ट, 2021 (COTPA Amendment Act) के तहत यह औचक निरीक्षण किया।
अभियान के दौरान टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ नामी बार और लॉन्ज में हुक्का और तंबाकू मिश्रित पदार्थों की अवैध बिक्री हो रही है। इस आधार पर लालपुर इलाके के कई बारों की जांच की गई — जिनमें विडोरा बार एंड लॉन्ज में सबसे अधिक उल्लंघन पाए गए।
विडोरा बार में खुलेआम चल रहा था हुक्का कारोबार
छापेमारी के दौरान प्रशासनिक टीम ने पाया कि रेस्टोरेंट के अंदर ग्राहकों को हुक्का और फ्लेवर्ड तंबाकू परोसे जा रहे थे।
यह सीधा कोटपा अधिनियम का उल्लंघन था, जिसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू का सेवन और बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। अधिकारियों ने मौके से कई हुक्का सेट, फ्लेवर पैकेट, पाइप और कोयले जब्त किए। रेस्टोरेंट के मालिक और ग्राहकों से मौके पर ही जुर्माना वसूला गया — कुल ₹70,000।
भविष्य में दोहराने पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर इस तरह का उल्लंघन दोबारा पाया गया तो “प्रतिष्ठान का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा और मुकदमा दर्ज होगा।”
अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) श्री उत्कर्ष कुमार ने कहा —
“रांची को Smoke-Free City घोषित किया गया है। ऐसे में किसी भी तरह का हुक्का, तंबाकू या नशे का कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन ने विशेष टीम बनाई है जो नियमित औचक निरीक्षण करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।”
रांची बना झारखंड का पहला स्मोक-फ्री जिला
रांची जिला प्रशासन ने हाल ही में राजधानी को झारखंड का पहला स्मोक-फ्री जिला घोषित किया था। इसका अर्थ है कि शहर के सभी सार्वजनिक स्थानों — जैसे रेस्तरां, कार्यालय, अस्पताल, पार्क, होटल और शिक्षण संस्थानों में धूम्रपान वर्जित है।
साथ ही, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि —
- शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, सरकारी कार्यालयों के 100 मीटर दायरे में तंबाकू या उससे जुड़े पदार्थों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- धूम्रपान करते या परोसते पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
शेष जांच टीम करेगी औचक निरीक्षण
SDM उत्कर्ष कुमार की निगरानी में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है, जो रांची शहर के सभी बार, रेस्टोरेंट और पब में आकस्मिक निरीक्षण करेगी। इस टीम में जिला तंबाकू नियंत्रण अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि शामिल हैं।
जांच टीम का उद्देश्य है —
- तंबाकू अधिनियम के पालन को सुनिश्चित करना।
- ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान करना जो कानून की अनदेखी कर हुक्का या तंबाकू बेच रहे हैं।
- और आम जनता को धूम्रपान के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना।
जनजागरूकता और जुर्माने दोनों पर समान फोकस जिला प्रशासन का कहना है कि यह सिर्फ दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति एक सख्त संदेश है। SDM उत्कर्ष कुमार ने कहा —
“हमारी कोशिश है कि रांची पूरी तरह नशामुक्त और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बने। हुक्का, सिगरेट या अन्य नशे के रूप में तंबाकू का सेवन सिर्फ कानूनन अपराध नहीं, बल्कि समाज के स्वास्थ्य पर आघात है।”
उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे ऐसी जगहों से दूर रहें और अपने साथियों को भी जागरूक करें।
COTPA अधिनियम क्या कहता है?
COTPA (Cigarettes and Other Tobacco Products Act), 2003 और उसका संशोधित रूप COTPA Amendment Act, 2021 के तहत –
- किसी भी सार्वजनिक स्थान पर तंबाकू सेवन प्रतिबंधित है।
- उल्लंघन करने पर ₹200 से ₹1,00,000 तक का जुर्माना या तीन साल की सजा तक हो सकती है।
- प्रतिष्ठान संचालक को यह सुनिश्चित करना होता है कि उनके परिसर में धूम्रपान या तंबाकू उत्पादों की बिक्री न हो।
नशे के खिलाफ अभियान को मिली रफ्तार
हाल के महीनों में रांची प्रशासन ने नशे के खिलाफ कई कार्रवाई की हैं। इसमें हुक्का बार, शराब के अवैध ठिकानों और नशीली दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने की दिशा में सघन अभियान चलाया जा रहा है।
“विडोरा बार” पर हुई कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य साफ है —रांची को स्वच्छ, सुरक्षित और नशामुक्त बनाना।








