रांची से गिरफ्तार अशहर दानिश आतंकी मॉड्यूल का ‘CEO’ , बड़ा खुलासा
terrorist moduleरांची: देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर पांच राज्यों में एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया और इसमें पांच संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया।
इस कार्रवाई का सबसे अहम हिस्सा झारखंड की राजधानी रांची में सामने आया, जहां से पकड़ा गया अशहर दानिश इस पूरे नेटवर्क का मुख्य समन्वयक (चीफ कोऑर्डिनेटर) बताया जा रहा है।
‘CEO’ कोड नेम से चलता था नेटवर्क
सूत्रों के अनुसार, इस आतंकी मॉड्यूल के सदस्य अशहर दानिश को ‘CEO’ कहकर बुलाते थे।
वह सीधे पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के संपर्क में था और उनके निर्देश पर नेटवर्क को सक्रिय करता था। उसके जरिए ही बाकी चार आतंकी गाइड किए जाते थे।
सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स से एक्टिव
जांच में खुलासा हुआ है कि यह पूरा मॉड्यूल सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए संपर्क में रहता था।
छापेमारी में संदिग्धों से कई डिजिटल डिवाइस और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं।
एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क देश के विभिन्न हिस्सों में अशांति फैलाने की योजना पर काम कर रहा था।
रांची से लंबे समय से सक्रिय था अशहर दानिश
रांची से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अशहर दानिश पिछले कई वर्षों से यहां रह रहा था और अपनी गतिविधियों को पूरी तरह गुप्त रखता था।
स्थानीय स्तर पर उसके कई संपर्कों की जांच शुरू कर दी गई है। माना जा रहा है कि दानिश की गिरफ्तारी से झारखंड में सक्रिय आतंकी गतिविधियों का भी बड़ा खुलासा हो सकता है।
अन्य गिरफ्तारियां और पूछताछ
इस ऑपरेशन में रांची के अलावा अन्य चार राज्यों से भी संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार किए गए हैं।
सभी पांचों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्राथमिक पूछताछ से कई अहम सुराग मिले हैं और निकट भविष्य में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कामयाबी
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अशहर दानिश की गिरफ्तारी इस पूरे मॉड्यूल को तोड़ने में एक निर्णायक कदम साबित होगी। इससे न केवल नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार पकड़ा गया है, बल्कि इसके जरिए अन्य संपर्कों और वित्तीय चैनलों का भी खुलासा संभव है।
आतंक पर रोकथाम की चुनौतियां
भारत में आतंकी नेटवर्क लगातार नए-नए तरीकों से अपनी गतिविधियों को संचालित करने की कोशिश कर रहे हैं।
सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल करके ये संगठन अपनी पहचान और लोकेशन छिपाने में कामयाब हो जाते हैं।
ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वे इन नेटवर्क्स का समय रहते भंडाफोड़ करें।
रांची से अशहर दानिश की गिरफ्तारी न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपलब्धि है।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और सुरक्षा एजेंसियों की इस संयुक्त कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि भारत की खुफिया और सुरक्षा व्यवस्था सतर्क है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना है, जो इस आतंकी मॉड्यूल के नेटवर्क की गहराई को सामने लाएंगे।








