बोकारो प्रशासन अलर्ट मोड में, छठ घाटों पर सुरक्षा और सफाई की पुख्ता तैयारी
बोकारो, झारखंड : लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ पूजा नज़दीक है, और इसे लेकर बोकारो जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयारियों में जुट गया है। जिले के डीसी अजय नाथ झा और एसपी ने शुक्रवार को जिले के प्रमुख छठ घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा, स्वच्छता और जनसुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने घाटों पर चल रहे निर्माण और साफ-सफाई कार्यों को बारीकी से देखा तथा मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। छठ को लेकर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर डीसी का सख्त निर्देश
डीसी अजय नाथ झा ने कहा कि छठ पर्व के दौरान हजारों की संख्या में व्रती और श्रद्धालु घाटों पर जुटते हैं। ऐसे में जलकुंडों के किनारे बैरिकेडिंग, बिजली की उचित व्यवस्था, और साफ-सफाई अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने संबंधित विभागों — नगर निगम, पुलिस प्रशासन, बिजली विभाग और पीएचईडी को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। डीसी ने यह भी कहा कि छठ घाटों पर रोशनी और साफ पानी की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। किसी भी घाट पर अंधेरा या गंदगी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने साफ संदेश दिया
“श्रद्धालुओं को सुविधा देना और सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। छठ घाट झारखंड की आस्था का प्रतीक हैं, इसलिए इनकी तैयारी बेदाग़ होनी चाहिए।”
एसपी ने कहा — व्रतियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बोकारो एसपी ने बताया कि छठ के दौरान पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। हर घाट पर क्यूआरटी टीम, गोताखोर, महिला पुलिसकर्मी और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि घाट के समीप किसी भी प्रकार की भीड़ या धक्का-मुक्की की स्थिति न बने, इसके लिए विशेष बैरिकेडिंग की जा रही है। एसपी ने चेतावनी दी कि निर्धारित जल क्षेत्र से कोई भी व्यक्ति अंदर नहीं जाएगा। अगर कोई नियम तोड़ता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
“व्रती और श्रद्धालु बिना किसी भय के पूजा करें, यही हमारी प्राथमिकता है,” — एसपी ने कहा।
प्रशासन और समितियों की बैठकनिरीक्षण के दौरान डीसी और एसपी ने घाट प्रबंधन समितियों के प्रतिनिधियों से भी बात की। उन्होंने कमेटी के सदस्यों से आग्रह किया कि वे प्रशासन के साथ मिलकर काम करें ताकि कोई भी समस्या या अव्यवस्था उत्पन्न न हो। डीसी ने कहा कि घाटों पर सैनिटेशन टीम, मेडिकल यूनिट और कंट्रोल रूम की व्यवस्था होनी चाहिए। वहीं बिजली विभाग को निर्देश दिया गया कि घाटों पर अस्थायी बिजली कनेक्शन सुरक्षित ढंग से लगाया जाए ताकि किसी तरह का हादसा न हो।

पीएसयू और स्टेकहोल्डर्स को निर्देश
बोकारो डीसी ने जिले के सभी पब्लिक सेक्टर यूनिट्स (PSUs) और स्टेकहोल्डर्स से छठ पर्व की तैयारियों में सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि बोकारो एक औद्योगिक जिला है, और यहां की कंपनियों की भी सामाजिक जिम्मेदारी बनती है कि वे घाटों की साफ-सफाई, लाइटिंग और सार्वजनिक सुविधाओं में योगदान दें।
श्रद्धालुओं से अपील
प्रशासन ने जिलेवासियों से भी अपील की है कि वे छठ घाटों पर स्वच्छता बनाए रखें और किसी भी तरह का प्लास्टिक कचरा जलाशयों में न फेंके। डीसी ने कहा कि घाटों की सुंदरता और पवित्रता को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा —
“छठ पर्व हमारी पहचान और संस्कृति का प्रतीक है। इसे शांति, अनुशासन और सफाई के साथ मनाएं।”
जिले में बने रहेंगे निगरानी दल
प्रशासन ने प्रत्येक प्रमुख घाट पर मैजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी भीड़ की निगरानी की जाएगी। जिला नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा और किसी भी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
छठ पर्व को लेकर बोकारो में तैयारियों का स्तर प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। आस्था, अनुशासन और प्रशासनिक सतर्कता का यह संगम एक बार फिर यह साबित करता है कि झारखंड में छठ सिर्फ पर्व नहीं, बल्कि लोक और प्रकृति के बीच अटूट संबंध का उत्सव है।








