डी.ए.वी. नंदराज पब्लिक स्कूल में महात्मा ग्रोवर जयंती, भगवान बिरसा मुंडा जयंती और झारखंड स्थापना दिवस का संयुक्त भव्य आयोजन
रांची: झारखंड स्थापना दिवस के ऐतिहासिक 25वें वर्ष पर राजधानी रांची स्थित डी.ए.वी. नंदराज पब्लिक स्कूल में एक विशेष और प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय ने महात्मा एन. डी. ग्रोवर जयंती, भगवान बिरसा मुंडा जयंती तथा झारखंड स्थापना दिवस—इन तीन महत्वपूर्ण अवसरों को एक साथ मनाकर संस्कृति, प्रेरणा और विरासत का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया।
विशेष हवन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह महात्मा एन. डी. ग्रोवर की जयंती पर विशेष हवन से हुआ। छात्रों, शिक्षकों और विद्यालय परिवार ने पवित्र मंत्रोच्चार के बीच उन्हें नमन किया। इस दौरान विद्यालय के प्रांगण में एक सकारात्मक और आध्यात्मिक वातावरण व्याप्त हो गया।

प्रधानाचार्य महोदय ने अपने संदेश में कहा—
“महात्मा ग्रोवर जी ने अनुशासन, चरित्र, कर्तव्य और राष्ट्रप्रेम के जो मूल्य दिए, वही डीएवी की पहचान हैं। हमें उनके आदर्शों को जीवन में उतारना चाहिए।”
बिरसा मुंडा जयंती पर सजीव चित्रण और प्रेरणादायी भाषण
धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर विद्यार्थियों ने उनके जीवन पर सजीव प्रस्तुति दी। एक छात्र ने बिरसा मुंडा का ऐतिहासिक अभिनय कर उस दौर की पीड़ा, संघर्ष और विद्रोह का मार्मिक चित्रण प्रस्तुत किया। इसके बाद उनके उलगुलान आंदोलन, देश की स्वतंत्रता में योगदान और आदिवासी हक़ों के संघर्ष पर प्रभावशाली भाषण दिया गया, जिसे सभी ने अत्यंत सराहा।
झारखंड स्थापना दिवस पर सांस्कृतिक रंगों ने मन मोह लिया
झारखंड स्थापना दिवस के 25 वर्ष पूरे होने पर विद्यार्थियों ने एक आकर्षक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया। सादगी, परंपरा और झारखंडी संस्कृति से भरपूर इस प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। छात्रों ने पायका, झूमर, नागपुरी और लोक तालों की झलक के साथ राज्य की समृद्ध विरासत का सजीव चित्रण किया।

झारखंड की प्रगति और भविष्य की दिशा पर चर्चा
इस मौके पर शिक्षकों द्वारा राज्य की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया—
- शिक्षा व खेल में विकास
- पर्यटन स्थलों का उभार
- आदिवासी संस्कृति का संरक्षण
- स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसर
- ग्रामीण विकास की दिशा में तेज़ प्रयास
प्रधानाचार्य महोदय ने कहा—
“25 वर्षों में झारखंड ने चुनौतियों के बीच भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। आने वाला समय युवाओं का है, और हमारा राज्य नए पड़ाव की ओर बढ़ रहा है।”

श्रद्धा, उत्साह और गर्व—तीनों का संगम
पूरा कार्यक्रम श्रद्धा (ग्रोवर जी की जयंती), संघर्ष की प्रेरणा (बिरसा मुंडा) और सांस्कृतिक गर्व (झारखंड स्थापना दिवस) का अनूठा संगम साबित हुआ। विद्यालय परिवार ने सभी छात्रों को इस ऐतिहासिक अवसर का संदेश समझने और समाज व राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न
संवेदनाओं, संस्कृति, प्रेरणा और ज्ञान से भरपूर यह संयुक्त आयोजन डी.ए.वी. नंदराज पब्लिक स्कूल के लिए एक यादगार दिवस साबित हुआ। कार्यक्रम में शिक्षकों, छात्रों और सभी कर्मियों की सक्रिय भागीदारी ने इसे और भी खास बना दिया।








