झारखंड में दीपिका पांडेय सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण क्रांति
ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल
झारखंड: झारखंड में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसायटी (JSLPS) के माध्यम से लाखों महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के दायरे में लाया गया है। अब तक 3 लाख 5 हजार से अधिक सखी मंडल गठित किए जा चुके हैं, जिनसे 33 लाख से अधिक परिवार जुड़े हैं।
सखी मंडलों को मिला वित्तीय संबल
वित्तीय वर्ष 2025-26 में सखी मंडलों को 1,541 करोड़ रुपये से अधिक की बैंक सहायता और सामुदायिक निवेश निधि प्रदान की गई है। इससे महिलाएं कृषि, पशुपालन, अगरबत्ती, साबुन और हस्तशिल्प जैसी गतिविधियों से अपनी आजीविका मजबूत कर रही हैं।
ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास
दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत अब तक 84,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। आजीविका सशक्तिकरण हुनर अभियान के जरिए लाखों परिवारों को रोजगार के अवसर मिले हैं।
पंचायती राज विभाग में आधुनिक बदलाव
पंचायत सचिवालयों को आधुनिक बनाया गया है। ग्राम पंचायतों में ज्ञान केंद्रों की स्थापना, भवनों का निर्माण और डिजिटल सुदृढ़ीकरण से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आई है।
फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से बदली हजारों महिलाओं की जिंदगी
दारू और हंड़िया बेचने वाली 48 हजार से अधिक महिलाओं को छोटे व्यवसायों से जोड़कर सम्मानजनक आजीविका दिलाई गई है।
सूक्ष्म उद्योगों और सिंचाई परियोजनाओं से बढ़ी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
अब तक राज्य में 67 हजार से अधिक सूक्ष्म उद्योग विकसित किए जा चुके हैं। 28 हजार से अधिक माइक्रो-ड्रिप सिंचाई प्रणाली से कृषि उत्पादकता में बढ़ोतरी हुई है।
पंचायत प्रतिनिधियों को नियमित मानदेय और भत्ता
राज्य सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों के लिए 64 करोड़ रुपये का मानदेय बजट तय किया है, जिससे 68 हजार से अधिक प्रतिनिधियों को लाभ मिल रहा है।
महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास की ओर झारखंड
दीपिका पांडेय सिंह के नेतृत्व में झारखंड का ग्रामीण विकास मॉडल महिलाओं की भागीदारी, पंचायतों की मजबूती और रोजगार सृजन पर केंद्रित है, जो राज्य को आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।








