ट्रंप का बड़ा बयान: भारत ने दशकों तक अमेरिका का फायदा उठाया, फिर भी मोदी से करेंगे डील
टैरिफ से कमाई का दावा, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी जताया भरोसा
वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में प्रभावशाली नेता डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि भारत ने दशकों तक अमेरिका का फायदा उठाया, लेकिन अब अमेरिका टैरिफ के जरिए अच्छी कमाई कर रहा है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि भारत के साथ व्यापारिक समझौता संभव है क्योंकि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पसंद हैं और दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध हैं। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक व्यापार, टैरिफ और आयात-निर्यात को लेकर दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच नई रणनीतियां बन रही हैं। उनके बयान को भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत पर फिर साधा निशाना
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि लंबे समय तक भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार में ऐसे नियम बनाए, जिनसे अमेरिकी कंपनियों और उत्पादों को नुकसान हुआ। उन्होंने दावा किया कि भारत उन देशों में शामिल रहा है, जिन्होंने अमेरिकी बाजार का लाभ उठाया। हालांकि ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि वर्तमान में टैरिफ नीतियों के जरिए अमेरिका को राजस्व प्राप्त हो रहा है और इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब अपने हितों की रक्षा के लिए अधिक आक्रामक व्यापार नीति अपना रहा है।
मोदी की तारीफ करते हुए कही बड़ी बात
भारत को लेकर आलोचनात्मक टिप्पणी करने के बावजूद ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि उन्हें पीएम मोदी पसंद हैं और दोनों नेताओं के बीच अच्छे व्यक्तिगत संबंध रहे हैं। ट्रंप ने संकेत दिया कि व्यक्तिगत और कूटनीतिक संबंधों के आधार पर भारत और अमेरिका के बीच भविष्य में एक बेहतर व्यापारिक समझौता हो सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लिए सहयोग के कई अवसर मौजूद हैं और बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सकता है।
टैरिफ को लेकर अमेरिका का सख्त रुख
पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका ने कई देशों पर आयात शुल्क और टैरिफ को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ट्रंप लंबे समय से यह कहते रहे हैं कि अमेरिकी कंपनियों और उत्पादों को विदेशी बाजारों में बराबरी का अवसर नहीं मिलता। उनका मानना है कि टैरिफ के माध्यम से अमेरिका अपने घरेलू उद्योगों को मजबूत कर सकता है और व्यापार घाटे को कम कर सकता है। भारत को लेकर भी उन्होंने पहले कई बार व्यापारिक असंतुलन और आयात शुल्क का मुद्दा उठाया था।
भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों पर नजर
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देश रक्षा, तकनीक, ऊर्जा, डिजिटल सेवाओं और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। हालांकि कुछ मामलों में टैरिफ, बाजार पहुंच और व्यापारिक नियमों को लेकर मतभेद भी सामने आते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के बयान को अमेरिका की घरेलू राजनीति और आगामी रणनीतियों के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए। अमेरिका में चुनावी माहौल के बीच व्यापार और आर्थिक राष्ट्रवाद एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
क्या होगा आगे?
ट्रंप के इस बयान ने एक बार फिर भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्तों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। जहां एक ओर उन्होंने भारत पर व्यापारिक लाभ उठाने का आरोप लगाया, वहीं दूसरी ओर पीएम मोदी के साथ बेहतर संबंधों का हवाला देकर भविष्य में समझौते की संभावना भी जताई। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापारिक वार्ताएं किस दिशा में आगे बढ़ती हैं और टैरिफ से जुड़े मुद्दों पर क्या नया समाधान निकलता है।





