गिरिडीह केंद्रीय कारा में आधी रात छापेमारी, 150 जवानों संग पहुंचे डीसी-एसपी
दो घंटे तक चली सघन तलाशी, सुरक्षा व्यवस्था से लेकर CCTV तक की हुई जांच
गिरिडीह: जिले के मोहनपुर स्थित केंद्रीय कारा में शनिवार देर रात जिला प्रशासन ने बड़ी दबिश दी। जिलाधिकारी रामनिवास यादव और पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के नेतृत्व में चली इस विशेष छापेमारी में लगभग 45 अधिकारी और करीब 150 पुलिस जवान शामिल रहे। करीब दो घंटे तक चले इस अभियान में जेल के सभी वार्डों की सघन तलाशी ली गई।
एक-एक वार्ड की हुई तलाशी
जानकारी के अनुसार रात करीब 10:45 बजे डीसी-एसपी के नेतृत्व में अधिकारियों और पुलिस बल की टीम केंद्रीय कारा पहुंची। इसके बाद पुरुष बंदियों के पांचों ब्लॉक के 20 वार्डों की बारीकी से तलाशी ली गई। महिला बंदियों के वार्ड की जांच के लिए महिला अधिकारियों और महिला पुलिसकर्मियों की अलग टीम बनाई गई थी, जिसने वहां भी विस्तृत तलाशी अभियान चलाया।
सुरक्षा व्यवस्था की भी हुई गहन जांच
छापेमारी के दौरान सिर्फ वार्डों की तलाशी ही नहीं ली गई, बल्कि जेल की पूरी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी रामनिवास यादव, एसपी डॉ. बिमल कुमार और एसडीएम श्रीकांत विस्पुते ने निम्न बिंदुओं पर विशेष पड़ताल की:
- संतरी की तैनाती और ड्यूटी व्यवस्था
- बंदियों से मुलाकात की प्रक्रिया
- जेल परिसर में पेयजल व्यवस्था
- सीसीटीवी कैमरों की स्थिति
- सुरक्षा प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था
इस दौरान जेल अधीक्षक को कई जरूरी निर्देश भी दिए गए।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस विशेष अभियान में कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल रहे।
छापेमारी दल में शामिल प्रमुख अधिकारी:
- एसडीएम श्रीकांत विस्पुते
- दंडाधिकारी बिनोद सिंह
- डीएसपी वन नीरज कुमार सिंह
- एसडीपीओ सदर जीतबाहन उरांव
- एसडीपीओ डुमरी आबिद खान
- बीडीओ गणेश रजक
- सीओ जितेंद्र प्रसाद
- मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो
- नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह
- इंस्पेक्टर कमलेश पासवान
- पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार
इसके अलावा ताराटांड़, गांडेय और अहिल्यापुर थाना के पुलिस पदाधिकारी भी अभियान में शामिल रहे।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की कवायद
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह छापेमारी जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा किसी भी अवैध गतिविधि पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।






