अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला: होर्मुज में टैंकरों पर मिसाइल हमले के बाद एयरस्ट्राइक, खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच बढ़ा तनाव
मुनाादी लाइव : मध्य-पूर्व में हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला हुआ। इसके बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दक्षिणी ईरान में बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी हमलों में सीरिक, केश्म और बंदर अब्बास जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को निशाना बनाया गया।
होर्मुज में तीन टैंकरों पर मिसाइल हमला
सूत्रों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन व्यावसायिक तेल टैंकरों पर मिसाइलें दागी गईं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि संबंधित जहाज निर्धारित समुद्री मार्ग से हट गए थे। इसी वजह से ईरान ने स्पष्ट किया कि ऐसे जहाजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उसकी नहीं होगी। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति को लेकर चिंता और बढ़ गई।
अमेरिका ने की जवाबी एयरस्ट्राइक
टैंकरों पर हुए हमले के कुछ ही घंटों बाद अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के सीरिक, केश्म द्वीप और बंदर अब्बास क्षेत्र में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान के नौसैनिक अड्डों, मिसाइल लॉन्चिंग सिस्टम और सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचाना था।
खामेनेई की अंतिम यात्रा के दौरान बढ़ा तनाव
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पूरे ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा और शोक कार्यक्रम चल रहे हैं। इस दौरान हुई सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्र में तनाव को और गंभीर बना दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव आने वाले दिनों में व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है।
ईरान ने दी कड़ी चेतावनी
अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि अमेरिका ने यदि सैन्य कार्रवाई जारी रखी तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ईरान ने यह भी संकेत दिया कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
वैश्विक तेल बाजार पर असर की आशंका
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। यहां तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने की आशंका जताई जा रही है। कई शिपिंग कंपनियों ने भी सुरक्षा कारणों से अपने जहाजों के रूट की समीक्षा शुरू कर दी है।
दुनिया की नजर मध्य-पूर्व पर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव पर दुनिया की नजर टिकी हुई है। यदि दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है तो इसका असर केवल मध्य-पूर्व ही नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।






