गिरिडीह में अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़, छह गिरफ्तार
देसी पिस्तौल–मैगजीन और 40 से अधिक उपकरण बरामद
गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी उस्मान अंसारी की तलाश जारी
गिरिडीह: गिरिडीह पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली जब गांडेय थाना क्षेत्र के महेशमरवा गांव और आसपास के इलाकों में संचालित एक बड़े अवैध हथियार निर्माण गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। यह गिरोह लंबे समय से इलाके में सक्रिय था और देसी हथियार बनाकर विभिन्न जिलों में सप्लाई कर रहा था। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम ने की।
गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस ने गांव में छापेमारी की, जहां एक छोटे मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की तरह हथियार तैयार किए जा रहे थे। छापेमारी के दौरान कई आरोपी भाग निकले, जबकि छह लोगों को पुलिस ने मौके पर दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची
कुछ आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
| क्रम | नाम | उपनाम/जानकारी | स्थिति |
|---|---|---|---|
| 1 | शाहर अली | उर्फ करीम | गिरफ्तार |
| 2 | खुर्शीद अंसारी | — | गिरफ्तार |
| 3 | चुन्ना | उर्फ अजीत | गिरफ्तार |
| 4 | संग्राम रविदास | — | गिरफ्तार |
| 5 | मार्ली | — | गिरफ्तार |
| 6 | — | उस्मान अंसारी | फरार |
पुलिस का कहना है कि कुछ आरोपी पहले भी आर्म्स एक्ट के मामलों में जेल जा चुके हैं और वे लगातार हथियार निर्माण–तस्करी में संलिप्त रहे हैं।
छापेमारी में भारी मात्रा में हथियार और उपकरण जब्त
देसी पिस्टल, मैगजीन, जिंदा गोलियां और मैन्युफैक्चरिंग मशीनें मिलीं| पुलिस ने मौके से हथियार निर्माण में उपयोग होने वाली बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की। बरामदगी में शामिल हैं—
- 6 देसी पिस्टल
- 11 मैगजीन
- 5 जिंदा गोलियां (7.65 मिमी)
- अधबनी पिस्तौलें
- पिस्टल बैरल और बट
- स्लाइड
- लोहे की रॉड
- ट्रिगर
- पिस्टल फ्रेम
- ड्रिल मशीन
- ग्राइंडर
- हथौड़ी
- रिंच
- और अन्य 40 से अधिक उपकरण और पुर्जे
इसके अलावा पुलिस ने एक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी जब्त की है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यहां हथियारों को पार्ट्स में तैयार कर दूर-दराज के जिलों तक सप्लाई किया जाता था। यह फैक्ट्री एक “लो-प्रोफाइल यूनिट” की तरह गांव के बीच छिपाकर चलाई जा रही थी।
कैसे चलता था गिरोह का नेटवर्क?
गांवों में छिपकर चलती थी छोटी फैक्ट्री, ऊंचे दामों पर होती थी बिक्री| पुलिस के अनुसार, यह गिरोह गांवों में छिपकर एक अंडरग्राउंड हथियार फैक्ट्री की तरह काम कर रहा था। इस नेटवर्क की कार्यप्रणाली इस प्रकार थी—
- गांव के सुनसान इलाकों में अस्थायी शेड लगाकर हथियार बनाए जाते थे।
- हथियारों को पार्ट्स में तैयार किया जाता, ताकि पहचान न हो सके।
- तैयार हथियार अपराधियों, शूटरों और राज्य–बाहरी गिरोहों को ऊंचे दामों पर बेचे जाते थे।
- गिरोह का सरगना और सप्लायर अभी फरार आरोपी उस्मान अंसारी बताया जा रहा है।
अभियान का नेतृत्व SDPO जितवाहन उरांव ने किया
इस कार्रवाई का नेतृत्व सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जितवाहन उरांव ने किया।
टीम में शामिल पुलिस अधिकारी—
- गांडेय थाना प्रभारी आनंद प्रकाश सिंह
- अहिल्यापुर थाना प्रभारी
- ताराटांड़ थाना प्रभारी
- एसआई मनोज कुमार
- देव आनंद मरांडी
- और अन्य पुलिसकर्मी
पुलिस ने बताया है कि फरार आरोपी उस्मान अंसारी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम तैनात कर दी गई है।
पूरे नेटवर्क को खत्म करने की तैयारी
SP के निर्देश पर आगे भी जारी रहेगा अभियान
पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई किसी बड़े नेटवर्क का एक हिस्सा है। गिरिडीह, धनबाद, कोडरमा, जामताड़ा और देवरी क्षेत्र में कई ऐसे सक्रिय गिरोह होने की आशंका है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा:
“हमने एक बड़ा गिरोह पकड़ा है। बचे हुए आरोपियों और सप्लाई चैन को खत्म करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।”
गिरिडीह पुलिस की बड़ी सफलता, हथियार माफिया पर जोरदार प्रहार
अवैध हथियार निर्माण और सप्लाई के बढ़ते नेटवर्क के बीच यह कार्रवाई गिरिडीह पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह ऑपरेशन साफ करता है कि पुलिस इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए गंभीर है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।








