बहन को बचाने कूदी, खुद भी डूब गई: गुमला के बसिया में दो बहनों की दर्दनाक मौत

Basia Drowning Case

गुमला/बसिया (रिपोर्ट: अमित राज): झारखंड के गुमला जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। बसिया थाना क्षेत्र के शनिचर टोली गांव में चुटिया नदी में डूबने से दो बहनों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा इतना भावुक और त्रासदीपूर्ण है कि जिसने भी सुना, उसकी आंखें नम हो गईं।

सुबह की सामान्य शुरुआत, अचानक बदल गया मंजर
गुरुवार की सुबह करीब 8:30 बजे काजल कुमारी (20 वर्ष) और उसकी फुफेरी बहन दीपशिखा कुमारी रोज की तरह घर के काम के लिए नदी की ओर निकली थीं। दोनों बसिया सरना मैदान के पीछे स्थित चुटिया नदी में कपड़े धोने और नहाने गई थीं। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सामान्य दिन कुछ ही मिनटों में एक भयावह हादसे में बदल जाएगा।

गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाई दीपशिखा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दीपशिखा कपड़े धोने के बाद जैसे ही नहाने के लिए पानी में उतरी, वह नदी की गहराई का सही अंदाजा नहीं लगा पाई। कुछ ही सेकंड में उसका संतुलन बिगड़ा और वह गहरे पानी में डूबने लगी।

बहन को बचाने कूदी काजल, दोनों की चली गई जान
दीपशिखा को डूबता देख काजल कुमारी ने बिना एक पल गंवाए उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। लेकिन नदी की गहराई और तेज पानी के कारण काजल भी खुद को संभाल नहीं पाई। देखते ही देखते दोनों बहनें पानी के भीतर समा गईं, मदद के लिए चीख-पुकार मच गई। यह दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग भी कुछ पल के लिए सन्न रह गए।

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बचाने की कोशिशें रहीं नाकाम
नदी में मौजूद अन्य महिलाओं ने शोर मचाया और दोनों को बचाने की पूरी कोशिश की।
लेकिन पानी गहरा होने और स्थिति अचानक बिगड़ जाने के कारण कोई भी उन्हें बचा नहीं सका। घटना की सूचना तुरंत परिजनों को दी गई।

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पिता और ग्रामीणों ने निकाला शव
सूचना मिलते ही काजल के पिता सुकेश लोहरा और गांव के कई युवक मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को नदी से बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी

अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
दोनों बहनों को तुरंत बसिया रेफरल अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

गांव में पसरा सन्नाटा, हर आंख नम
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे शनिचर टोली गांव में मातम छा गया है। घर-घर में शोक का माहौल है, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है और गांव में सन्नाटा और दुख का वातावरण कायम हो गया है। लोग इस घटना को सुनकर स्तब्ध हैं और हर कोई यही कह रहा है— “अगर थोड़ी सी सावधानी होती, तो शायद यह हादसा टल सकता था।”

ग्रामीण इलाकों में बढ़ते ऐसे हादसे
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या नदी और जल स्रोतों के पास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं? क्या लोगों को जल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है? ग्रामीण इलाकों में अक्सर इस तरह के हादसे सामने आते हैं, जहां गहराई का सही अनुमान न लग पाने के कारण जान चली जाती है।

गुमला के बसिया में हुई यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। एक बहन ने दूसरी को बचाने की कोशिश की लेकिन दोनों ही जिंदगी की जंग हार गईं। यह त्रासदी हमेशा यह याद दिलाएगी कि जल स्रोतों के पास सतर्कता और जागरूकता कितनी जरूरी है ।

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