डिलीवरी बॉय की आड़ में हथियारों की सप्लाई का खुलासा, फ्लिपकार्ट जैसी वर्दी पहनकर पहुंचाते थे खेप; चार गिरफ्तार
नई दिल्ली: ऑनलाइन शॉपिंग और होम डिलीवरी के बढ़ते चलन के बीच अपराधियों ने भी नया तरीका अपना लिया है। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो डिलीवरी बॉय की वर्दी पहनकर अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहा था। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों के शक से बचने के लिए फ्लिपकार्ट जैसी दिखने वाली डिलीवरी यूनिफॉर्म और बैग का इस्तेमाल करते थे। इसी वजह से वे आसानी से विभिन्न इलाकों में आते-जाते रहे और हथियारों की खेप पहुंचाते रहे।
डिलीवरी एजेंट बनकर करते थे सप्लाई
पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को ई-कॉमर्स डिलीवरी एजेंट के रूप में पेश करते थे। उनके पास डिलीवरी बैग और यूनिफॉर्म होने के कारण आम लोग और सुरक्षा एजेंसियां भी शुरुआती स्तर पर उन पर संदेह नहीं करती थीं। इसी आड़ में वे अलग-अलग स्थानों पर अवैध हथियारों की डिलीवरी करते थे।
चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से अवैध हथियार, कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। बरामद हथियारों की संख्या और उनका इस्तेमाल किन वारदातों में होना था, इसकी जांच की जा रही है।
गिरोह के नेटवर्क की जांच
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी हथियार कहां से लाते थे और किन लोगों तक उनकी सप्लाई की जाती थी। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में भी छापेमारी कर रही है।
कंपनियों का नहीं है कोई संबंध
प्रारंभिक जांच में ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि जिन ई-कॉमर्स कंपनियों जैसी वर्दी का इस्तेमाल किया गया, उनका इस अवैध गतिविधि से कोई संबंध है। आरोपी केवल लोगों को भ्रमित करने और संदेह से बचने के लिए ऐसी वर्दी का इस्तेमाल कर रहे थे।
पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी संदिग्ध गतिविधि या फर्जी डिलीवरी एजेंट पर संदेह हो तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें। साथ ही, पुलिस ने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों के नाम और पहचान का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।






