सर्च ऑपरेशन में मिला शव, अब तक 17 नक्सलियों की मौत
Chaibasa : झारखंड के सारंडा जंगल में गुरुवार को हुए पुलिस–नक्सली एनकाउंटर के बाद झारखंड पुलिस का दावा सही साबित होता नजर आ रहा है। सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान 17वें नक्सली का शव भी बरामद कर लिया गया है। इसके साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि इस बड़े ऑपरेशन में 15 से अधिक नक्सली मारे गए हैं।
गौरतलब है कि गुरुवार को हुए एनकाउंटर में एक करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी अनल उर्फ पतिराम मांझी समेत 15 नक्सलियों के शव बरामद किए गए थे। अब शुक्रवार को दो और नक्सलियों के शव मिलने के बाद यह संख्या बढ़कर 17 हो गई है।
सर्च ऑपरेशन के दौरान फिर हुई फायरिंग
झारखंड पुलिस के आईजी (अभियान) डॉ. माइकल राज ने बताया कि शुक्रवार को भी सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों की ओर से पुलिस पर फायरिंग की गई, जिसका सुरक्षाबलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के गढ़ में पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त टीम लगातार अभियान चला रही है, जिसके तहत अब तक दो और नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं।
हालांकि, 17वें नक्सली की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।
अब तक 17 नक्सली ढेर, 13 की पहचान
पुलिस के अनुसार, गुरुवार को हुए एनकाउंटर में मारे गए 15 नक्सलियों में से 13 की पहचान हो चुकी थी। शुक्रवार को बरामद दो अतिरिक्त शवों के साथ अब कुल 17 नक्सलियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
अनल उर्फ पतिराम के दस्ते के साथ हुई थी भीषण मुठभेड़
बताया जा रहा है कि यह पूरा अभियान किरीबुरू थाना क्षेत्र के अंतर्गत चलाया गया। इस ऑपरेशन में 209 कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर, CRPF और जिला पुलिस बल की संयुक्त टीम शामिल थी।
गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे से सुरक्षाबलों और शीर्ष माओवादी अनल उर्फ पतिराम मांझी के सशस्त्र दस्ते के बीच कई दौर की भीषण मुठभेड़ हुई। नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से अंधाधुंध फायरिंग की, लेकिन जवानों ने आत्मरक्षा में बेहद प्रभावी जवाब दिया।
भारी मात्रा में हथियार भी बरामद
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद,और दैनिक उपयोग की नक्सली सामग्री भी बरामद की है। पुलिस का कहना है कि इस ऑपरेशन से सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क को करारा झटका लगा है।
अभियान अभी भी जारी
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, इलाके में अभी भी सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।






