DC के निर्देश भी बेअसर: 5 दिन बाद भी नहीं बना राशन कार्ड, आयुष्मान से वंचित लिवर सिरोसिस का मरीज
Gumla: गुमला सदर अस्पताल में भर्ती लिवर सिरोसिस से पीड़ित 30 वर्षीय जगरनाथ तिर्की के मामले ने प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर कर दिया है। उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद पांच दिन बीत जाने के बाद भी मरीज का राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड नहीं बन सका है, जिसके कारण वह आज भी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के लाभ से वंचित है। जानकारी के अनुसार, ग्राम काटासारू खटगांव निवासी जगरनाथ तिर्की, पिता रोपना उरांव, बीते 8 जून 2026 से सदर अस्पताल के वार्ड संख्या-125 के बेड संख्या-35 पर भर्ती हैं। वे गंभीर रूप से लिवर सिरोसिस की बीमारी से जूझ रहे हैं और आर्थिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में हैं।
दो दिन में कार्ड बनाने का दिया गया था निर्देश
बीते सोमवार को उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो स्वयं सदर अस्पताल पहुंचे थे और मरीज से मुलाकात कर उसकी स्थिति का जायजा लिया था। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर राशन कार्ड बनाकर दो दिनों के भीतर आयुष्मान कार्ड जारी करने का निर्देश दिया था, ताकि मरीज को बेहतर इलाज मिल सके। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर दिए गए इस निर्देश का अब तक कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। पांच दिन गुजर जाने के बावजूद न तो राशन कार्ड बन पाया है और न ही आयुष्मान कार्ड जारी किया गया है।
मरीज ने लगाया उपेक्षा का आरोप
मरीज जगरनाथ तिर्की ने बताया कि उपायुक्त के दौरे के बाद उन्हें उम्मीद जगी थी कि सरकारी सुविधाएं जल्द उपलब्ध होंगी और इलाज में राहत मिलेगी, लेकिन हालात पहले जैसे ही बने हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर भी नियमित रूप से देखने नहीं आते हैं और उपायुक्त के जाने के बाद अस्पताल प्रशासन का कोई अधिकारी उनकी स्थिति जानने तक नहीं पहुंचा।
भिक्षाटन कर जुटाए गए इलाज के पैसे
परिवार की आर्थिक स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रतिज्ञा महिला एसोसिएशन की अध्यक्ष देवकी देवी ने मरीज की पत्नी रोहिणी कुजूर के साथ जशपुर रोड पर भिक्षाटन कर 310 रुपये एकत्र किए, ताकि इलाज का खर्च किसी तरह चलाया जा सके। यह घटना जिले में गरीब मरीजों के सामने आने वाली स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों को भी उजागर करती है।
राशन कार्ड बनाने में अवैध वसूली का आरोप
शनिवार शाम करीब चार बजे देवकी देवी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गुमला जिले के कई प्रज्ञा केंद्रों और कैफे में तत्काल राशन कार्ड बनवाने के नाम पर 5 हजार से 8 हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जाती है। उन्होंने दावा किया कि पैसे के बल पर कई लोग आसानी से राशन कार्ड बनवाकर सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं, जबकि वास्तविक जरूरतमंद महीनों तक भटकने को मजबूर हैं।
देवकी देवी ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में आपूर्ति विभाग के कुछ कर्मियों की मिलीभगत भी हो सकती है।
उठ रहे हैं कई सवाल
अब बड़ा सवाल यह है कि जब उपायुक्त स्तर के निर्देशों का भी समय पर अनुपालन नहीं हो पा रहा है, तो आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान की स्थिति क्या होगी। गंभीर बीमारी से जूझ रहा जगरनाथ तिर्की और उसका परिवार अब भी प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड जारी कर दिया जाए, तो मरीज को बेहतर इलाज मिल सकता है और परिवार को आर्थिक संकट से कुछ राहत मिलेगी।






