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JPSC Scam: JPSC परीक्षा विवाद: पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते दूसरे दिन भी CID कार्यालय पहुंचे, SIT ने फिर शुरू की पूछताछ

CID questioning of L Khiangte

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है। इसी सिलसिले में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी CID मुख्यालय पहुंचे, जहां विशेष जांच दल (SIT) उनसे दोबारा पूछताछ कर रहा है। इससे पहले मंगलवार को भी उनसे लगभग आठ घंटे तक पूछताछ की गई थी। मामले की जांच कर रही CID फिलहाल आयोग की चयन प्रक्रिया, परीक्षा संचालन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

मंगलवार को 8 घंटे तक हुई थी पूछताछ
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को एल खियांग्ते से देर शाम तक लंबी पूछताछ की गई। इस दौरान जांच एजेंसी ने कई अहम बिंदुओं पर उनका पक्ष जाना। कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि पूछताछ के दौरान उनका पासपोर्ट जब्त किया गया है। हालांकि CID ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है।

SIT ने किन मुद्दों पर किए सवाल?
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने पूर्व अध्यक्ष से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे। इनमें प्रमुख रूप से—

  • ब्लैकलिस्टेड कंपनी के चयन में उनकी भूमिका क्या थी?
  • टीडीपीएल (TDPL) के तत्कालीन मार्केटिंग मैनेजर और वर्तमान खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी अभय तिवारी से उनके संबंध क्या थे?
  • उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता का तबादला होने के बाद भी वह JPSC में कैसे कार्यरत रहीं?
  • परीक्षा प्रक्रिया और एजेंसी चयन के दौरान निर्णय किस स्तर पर लिए गए?
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इन सवालों के जरिए जांच एजेंसी कथित अनियमितताओं की पूरी श्रृंखला को समझने का प्रयास कर रही है।

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21 जुलाई को दिया था इस्तीफा
एल खियांग्ते ने 21 जुलाई 2026 को JPSC अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद आयोग का अध्यक्ष पद रिक्त है। वर्तमान में अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होने के कारण आयोग के सामने नई परीक्षाओं के आयोजन और परिणाम जारी करने जैसी प्रशासनिक चुनौतियां भी बनी हुई हैं।

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नए अध्यक्ष की नियुक्ति पर सरकार का मंथन
सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार आयोग के लिए नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर विचार-विमर्श कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि 6 अगस्त 2026 से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र से पहले या तो नए अध्यक्ष की नियुक्ति कर दी जाएगी या किसी वरिष्ठ IAS अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा जा सकता है। जानकारी के अनुसार, आयोग के अध्यक्ष पद के लिए सेवानिवृत्त IAS, IPS या IFS अधिकारियों के नामों पर विचार किया जा रहा है।

पहले भी खाली रह चुका है अध्यक्ष का पद
गौरतलब है कि पूर्व अध्यक्ष डॉ. मेरी नीलिमा केरकेट्टा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी JPSC अध्यक्ष का पद लगभग पांच महीने तक खाली रहा था। इसके बाद एल खियांग्ते को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था।

मानसून सत्र में गरमा सकता है JPSC मुद्दा
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में विपक्ष JPSC परीक्षा विवाद और जांच का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा सकता है। इसे देखते हुए सरकार भी आयोग में नेतृत्व की नियुक्ति और जांच प्रक्रिया को लेकर अपनी रणनीति तैयार कर रही है।

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