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बड़गाईं जमीन मामले में हेमंत सोरेन को मिली मोहलत, 30 सितंबर को फिर सुनवाई

Hemant Soren Bargain Land Case

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ED कोर्ट में पेश हुए मुख्यमंत्री

दस्तावेजों के अध्ययन और निजी पारिवारिक दुख का हवाला देकर मांगा समय

रांची: बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रांची स्थित ईडी की विशेष अदालत में पेश हुए। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में आरोप गठन को लेकर सुनवाई हुई, लेकिन कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी। अब अदालत ने मामले में 30 सितंबर 2026 को सुबह 11:15 बजे आरोप गठन पर अगली सुनवाई निर्धारित की है। इससे पहले अदालत ने 24 सितंबर को आरोप गठन पर सुनवाई के लिए तारीख तय की थी। 21 सितंबर को हेमंत सोरेन की ओर से आरोप गठन और ट्रायल की कार्यवाही रोकने की मांग वाली याचिका को विशेष अदालत ने खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था कि आगे की जांच जारी रहने से मूल शिकायत पर आरोप तय करने की प्रक्रिया अपने आप नहीं रुकती।

हेमंत सोरेन ने मांगा समय
सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से अदालत से समय देने का आग्रह किया गया। उनके पक्ष की ओर से कहा गया कि ईडी द्वारा दाखिल किए गए कई अन्य दस्तावेजों का वह अध्ययन करना चाहते हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने हाल ही में हुए जमशेदपुर सड़क हादसे का भी उल्लेख किया। उन्होंने अदालत को बताया कि कैबिनेट मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पुत्री की हादसे में मौत हुई है और इस घटना से वह व्यथित हैं। उनके पक्ष के अनुसार, इस परिस्थिति में उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उन्हें तैयारी के लिए समय दिया जाए। अदालत ने सुनवाई को आगे बढ़ाते हुए अब 30 सितंबर की तारीख निर्धारित कर दी है।

8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है मामला
यह मामला रांची के बड़गाईं अंचल की करीब 8.86 एकड़ जमीन से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय की जांच के अनुसार, जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और कब्जे से जुड़े मामले में फर्जी दस्तावेजों तथा सरकारी रिकॉर्ड में कथित हेरफेर की जांच की गई है। ED की ओर से मामले को मनी लॉन्ड्रिंग से भी जोड़ा गया है। हालांकि, ये जांच एजेंसी के आरोप और अदालत में विचाराधीन मामला हैं। आरोप गठन की प्रक्रिया स्वयं दोषसिद्धि नहीं होती और मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।

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पहले याचिका हो चुकी है खारिज
इससे पहले हेमंत सोरेन की ओर से विशेष PMLA अदालत में आरोप गठन और ट्रायल की कार्यवाही रोकने की मांग की गई थी। विशेष अदालत ने यह याचिका खारिज कर दी थी। अदालत के आदेश के बाद 24 सितंबर को आरोप गठन पर सुनवाई निर्धारित थी। इससे पहले 21 सितंबर को तकनीकी समस्या के कारण मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी पूरी नहीं हो सकी थी और अदालत ने 24 सितंबर की तारीख तय की थी।

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मामले में अन्य आरोपियों पर हो चुका है आरोप गठन
बड़गाईं जमीन मामले में हेमंत सोरेन को छोड़कर अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया पहले ही आगे बढ़ चुकी है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, मामले में अधिकांश आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जा चुके हैं और मुख्यमंत्री के संबंध में आरोप गठन की प्रक्रिया लंबित है। अब 30 सितंबर को होने वाली सुनवाई में अदालत यह देखेगी कि आरोप गठन की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है।

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30 सितंबर पर टिकी नजर
अब इस मामले में अगली सुनवाई 30 सितंबर को सुबह 11:15 बजे होगी। उस दिन मुख्यमंत्री की ओर से रखे गए पक्ष, ईडी की दलीलों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर अदालत आरोप गठन की प्रक्रिया पर आगे सुनवाई करेगी। बड़गाईं जमीन से जुड़ा यह मामला झारखंड की राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है और आरोपों पर अंतिम फैसला आना बाकी है।

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