JSSC-CGL धांधली की जांच तेज, 20 संदिग्ध सफल अभ्यर्थियों को CID का समन
रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की बहुचर्चित CGL परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक की जांच कर रही CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने कार्रवाई तेज कर दी है। SIT ने अब 20 संदिग्ध सफल अभ्यर्थियों को समन जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है। इन अभ्यर्थियों से जांच टीम महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी इससे पहले करीब 150 अभ्यर्थियों और संदिग्ध आरोपियों से पूछताछ कर चुकी है। वहीं, मामले में अब तक 8 सफल अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच के आगे बढ़ने के साथ ही संदिग्ध अभ्यर्थियों की संख्या और पूछताछ का दायरा भी बढ़ता जा रहा है।
दस्तावेजों और पूछताछ से मिले सुराग के आधार पर समन
बताया जा रहा है कि CID की SIT को हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ और अलग-अलग ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य मिले हैं। इन्हीं साक्ष्यों और सामने आए तथ्यों के आधार पर अब 20 सफल अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इन अभ्यर्थियों की सफलता के पीछे किसी तरह की कथित सेटिंग, लेन-देन या परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता की भूमिका थी या नहीं। पूछताछ के दौरान अभ्यर्थियों से उनकी परीक्षा की तैयारी, संपर्कों और परीक्षा से जुड़े संदिग्ध घटनाक्रम के संबंध में जानकारी ली जा सकती है।
150 अभ्यर्थियों से पहले ही हो चुकी पूछताछ
JSSC-CGL मामले में SIT पहले ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों से पूछताछ कर चुकी है। करीब 150 अभ्यर्थियों और संदिग्ध आरोपियों से पूछताछ के बाद जांच टीम अब उन नामों और कड़ियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, जिनका संबंध कथित परीक्षा घोटाले के नेटवर्क से हो सकता है। अब 20 और सफल अभ्यर्थियों को समन जारी होने से यह संकेत मिल रहा है कि जांच एजेंसी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एक-एक कड़ी की पड़ताल कर रही है।
ICN के दो कर्मचारियों को भी जेल भेजा गया
इधर, JSSC-CGL परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी ICN के दो कर्मचारियों सोमांश प्रकाश और राहुल से भी CID ने पूछताछ की थी। दोनों को पांच दिनों की रिमांड पर लिया गया था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान CID को दोनों से कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच अधिकारियों को मिले इन तथ्यों के आधार पर अब जांच का दायरा और बढ़ाया जा रहा है।
1 जनवरी 2025 को दर्ज हुआ था केस
JSSC-CGL परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली को लेकर CID थाना में 1 जनवरी 2025 को कांड संख्या 01/2025 दर्ज किया गया था। इसके बाद मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम का गठन किया गया। SIT अब कथित पेपर लीक, अभ्यर्थियों की संदिग्ध सफलता, परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी से जुड़े लोगों और अन्य संदिग्ध कड़ियों की जांच कर रही है। मामले में अब तक हुई गिरफ्तारियों और पूछताछ के बाद जांच एजेंसी की नजर उन अभ्यर्थियों पर भी है, जिनकी सफलता को लेकर जांच के दौरान संदेह पैदा हुआ है। 20 संदिग्ध सफल अभ्यर्थियों को समन इसी जांच की अगली महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। अब इन अभ्यर्थियों से पूछताछ के बाद यह साफ होने की उम्मीद है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। हालांकि, किसी अभ्यर्थी को केवल समन किए जाने को दोषी माना जाना उचित नहीं है; अंतिम स्थिति जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।





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