त्योहारों से पहले महंगाई की मार, प्याज-चीनी के बढ़े दाम; 35 रुपये किलो मिलेगा प्याज
नई दिल्ली: त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले ही आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। प्याज और चीनी की बढ़ती कीमतों ने चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा खाद्य तेल, तुअर दाल, चावल और आटे के दाम भी सालाना आधार पर बढ़े हैं। मौसम की मार, सप्लाई में कमी और त्योहारों से पहले बढ़ती मांग को खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है। प्याज की बढ़ती कीमतों से आम लोगों को राहत देने और बाजार में इसकी उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने कदम उठाया है। महाराष्ट्र से प्याज की विशेष रेलवे रैक ‘कांदा एक्सप्रेस’ रवाना हो गई है। यह ट्रेन मंगलवार को दिल्ली पहुंचेगी। इसके बाद बुधवार तक दिल्ली से देश के दूसरे हिस्सों में प्याज की आपूर्ति उपलब्ध कराने की तैयारी है।
35 रुपये प्रति किलो की दर से मिलेगा प्याज
केंद्र सरकार दिल्ली-एनसीआर समेत देश के प्रमुख शहरों में सस्ता प्याज उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत दिल्ली-एनसीआर, चेन्नई, कोलकाता और गुवाहाटी में 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से प्याज की बिक्री शुरू की जाएगी। सरकार की कोशिश है कि नियंत्रित दर पर प्याज उपलब्ध कराकर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए और बाजार में बढ़ी कीमतों पर दबाव कम किया जा सके।
‘कांदा एक्सप्रेस’ से बढ़ेगी प्याज की सप्लाई
महाराष्ट्र देश के प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में शामिल है। वहां से विशेष रेलवे रैक के जरिए प्याज को दिल्ली पहुंचाया जा रहा है। ‘कांदा एक्सप्रेस’ के दिल्ली पहुंचने के बाद वहां से अन्य क्षेत्रों में भी प्याज भेजा जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि बड़े पैमाने पर आपूर्ति बढ़ने से बाजार में प्याज की उपलब्धता बेहतर होगी और कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

त्योहारों से पहले बढ़ी मांग का असर
त्योहारों के दौरान खाद्य वस्तुओं की मांग सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में प्याज जैसी रोजमर्रा की जरूरी वस्तु की कीमत बढ़ने का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ता है। दूसरी ओर मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण सप्लाई प्रभावित होने पर कीमतों में और तेजी आ सकती है। प्याज के अलावा चीनी, खाद्य तेल, तुअर दाल, चावल और आटे के दामों में भी सालाना आधार पर बढ़ोतरी ने महंगाई की चिंता बढ़ाई है।
आम लोगों को राहत देने की कोशिश
सरकार की ओर से प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के साथ-साथ 35 रुपये प्रति किलो की दर से बिक्री शुरू करने का फैसला उपभोक्ताओं के लिए राहत देने वाला कदम माना जा रहा है। अब ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए पहुंचने वाली खेप और नियंत्रित दर पर बिक्री से बाजार की कीमतों पर कितना असर पड़ता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल त्योहारों से पहले बढ़ती खाद्य कीमतों ने आम परिवारों के बजट पर दबाव बढ़ा दिया है। सरकार की कोशिश है कि पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित कर प्याज की कीमतों को काबू में रखा जाए और त्योहारों के दौरान लोगों को महंगाई से कुछ राहत मिल सके।






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