JPSC Scam: अब FRO परीक्षा भी CID के रडार पर, OMR हेराफेरी के आरोपों की जांच शुरू
रेंजर भर्ती में 17 अभ्यर्थियों की कथित सेटिंग का दावा, IRB जवान और TDPL के एक और निदेशक पर CID की नजर
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच अब फॉरेस्ट रेंजर ऑफिसर (FRO) भर्ती परीक्षा भी जांच के दायरे में आ गई है। CID ने रेंजर परीक्षा में OMR शीट से कथित छेड़छाड़ और चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसी को मिले शुरुआती इनपुट के आधार पर अब इस परीक्षा से जुड़े कई नए पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
170 पदों में 17 अभ्यर्थियों की कथित सेटिंग की जांच
सूत्रों के अनुसार, FRO भर्ती के 170 पदों में से 17 अभ्यर्थियों को कथित तौर पर सेटिंग के जरिए सफल कराने के आरोप सामने आए हैं। जांच के दौरान इंडिया रिजर्व बटालियन (IRB) के एक जवान का नाम भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि चयनित अभ्यर्थियों में वन विभाग के कई वनरक्षी भी शामिल हैं, जिनके उस जवान से संपर्क होने की बात जांच में सामने आई है। हालांकि, CID की ओर से अभी तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और मामले की जांच जारी है।
TDPL के एक और निदेशक पर CID का शिकंजा
JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में परीक्षा संचालन से जुड़ी निजी एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के एक और निदेशक सत्यपाल सिंह का नाम भी जांच में सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, CID की टीम जब उसे पकड़ने के लिए लखनऊ स्थित उसके ठिकाने पर पहुंची तो वह पहले ही वहां से फरार हो चुका था। अब उसकी गिरफ्तारी के लिए CID सोमवार को रांची की अदालत में गिरफ्तारी वारंट के लिए आवेदन देगी। गौरतलब है कि TDPL के एक अन्य निदेशक रामबीर सिंह को CID पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
सुमन सौरभ से पूछताछ में सक्रिय गिरोह का खुलासा
CID की जांच में गिरफ्तार अभ्यर्थी सुमन सौरभ से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित तौर पर अभ्यर्थियों को सफल कराने के लिए एक संगठित गिरोह सक्रिय था। अब CID सुमन सौरभ से मिली जानकारियों का विभिन्न दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सत्यापन कर रही है। हालांकि जांच के दौरान सुमन सौरभ के पास से OMR शीट की कार्बन कॉपी बरामद नहीं हुई थी।
पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते को फिर बुलाया गया
जांच को आगे बढ़ाते हुए CID ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को एक बार फिर पूछताछ के लिए तलब किया है। उन्हें नोटिस जारी कर 3 अगस्त को CID मुख्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है। जांच एजेंसी उनसे पहले से उपलब्ध दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और गिरफ्तार आरोपियों के बयानों के आधार पर दोबारा पूछताछ करेगी।
फिर रिमांड पर लिए जाएंगे आरोपी
सूत्रों के अनुसार, CID जल्द ही JPSC की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, TDPL के निदेशक रामबीर सिंह और गिरफ्तार डीएसओ मनोज तिवारी उर्फ अभय तिवारी को दोबारा रिमांड पर लेने की तैयारी में है। इसके लिए सोमवार को जांच अधिकारी अदालत में आवेदन देकर रिमांड की मांग करेंगे। CID का मानना है कि आमने-सामने पूछताछ और दस्तावेजों के मिलान से परीक्षा अनियमितता से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।

जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है
JPSC सिविल सेवा परीक्षा से शुरू हुई CID की जांच अब अन्य भर्ती परीक्षाओं तक पहुंच चुकी है। OMR शीट में कथित हेराफेरी, निजी एजेंसियों की भूमिका, परीक्षा संचालन और चयन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।






