Pappu Yadav Attack: प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चाकू लेकर पहुंचा युवक, सांसद बोले- ‘मुझे मारने की साजिश थी’
नई दिल्ली: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक संदिग्ध युवक उनके करीब पहुंच गया। घटना के दौरान मौजूद सुरक्षाकर्मियों और समर्थकों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए युवक को पकड़ लिया और बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया। मामले की जांच दिल्ली पुलिस कर रही है।
पप्पू यादव बोले- ‘मुझे मारने आया था, चाकू और चप्पल लेकर पहुंचा’
घटना के बाद मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने दावा किया कि उन पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि संदिग्ध युवक उनके पास चाकू लेकर पहुंचा था और उसने चप्पल भी फेंकी। पप्पू यादव ने कहा कि यह उनकी हत्या की साजिश थी, लेकिन सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता के कारण बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं।
पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान सुमित (34 वर्ष) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, युवक ने पप्पू यादव की ओर चप्पल फेंकी, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। जब उसे पुलिस के हवाले किया गया, तब उसके साथ एक चाकू भी बरामद हुआ। हालांकि पुलिस अभी यह जांच कर रही है कि वह चाकू लेकर ही आया था या चाकू बाद में उसके पास से मिला। इस संबंध में जांच जारी है।
संतों के अपमान से नाराज होने की बात आई सामने
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपी कथित तौर पर संतों के अपमान को लेकर नाराज था। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर घटना के पीछे की वास्तविक मंशा और संभावित साजिश के पहलुओं की जांच कर रही है।
हालिया विवाद के बाद बढ़ा था विरोध
पिछले कुछ दिनों से पप्पू यादव अपने एक प्रदर्शन को लेकर चर्चा में रहे हैं। संसद के मानसून सत्र के दौरान उन्होंने अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावे की चोरी के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन में पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी के रूप में नजर आए थे। वहीं विपक्ष के अन्य सांसदों ने उन्हें दान देने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया था। इसके बाद उन्होंने दानपेटी लेकर भागने का अभिनय किया, जिसे लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
सनातन धर्म के अपमान का लगा आरोप
इस प्रदर्शन के बाद कई साधु-संतों और हिंदू संगठनों ने पप्पू यादव पर सनातन परंपराओं के अपमान का आरोप लगाया। भारतीय जनता पार्टी ने भी इस प्रदर्शन की आलोचना करते हुए इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला बताया। कई धार्मिक संगठनों ने उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द करने की मांग भी उठाई।

एफआईआर दर्ज होने पर क्या कहा था?
इस मामले में वाराणसी में दर्ज शिकायत के आधार पर पप्पू यादव, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने कहा था कि भगवा वस्त्र पहनना किसी का विशेषाधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सनातन धर्म के नाम पर हो रही कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन्हें कानूनी कार्रवाई या जान का खतरा भी झेलना पड़े, तो वे इसके लिए तैयार हैं।
फिलहाल दिल्ली पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अकेले आया था या उसके पीछे किसी और की भूमिका भी थी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के सभी तथ्यों पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






