...

18वें BRICS समिट से पहले दिल्ली पहुंचे रूसी राष्ट्रपति, परमाणु ऊर्जा, रक्षा सहयोग, S-400 और यूक्रेन युद्ध समेत कई मुद्दों पर होगी चर्चा

Putin Modi Meeting

पुतिन भारत पहुंचे, आज PM मोदी से होगी अहम मुलाकात

Su-57 से ब्रह्मोस-NG तक डिफेंस डील पर नजर

New Delhi: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच गए हैं। नई दिल्ली पहुंचने के बाद पुतिन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आज द्विपक्षीय बैठक होनी है। भारत में 12-13 सितंबर को BRICS समिट आयोजित किया जा रहा है। पुतिन का यह दौरा भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। मोदी-पुतिन बैठक में रक्षा, ऊर्जा, परमाणु सहयोग, व्यापार और वैश्विक परिस्थितियों पर बातचीत होने की उम्मीद है। इसके अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध और शांति प्रयासों को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हो सकती है।

Su-57 फाइटर जेट पर बड़ी चर्चा की उम्मीद
मोदी-पुतिन मुलाकात में सबसे ज्यादा नजर रूस के पांचवीं पीढ़ी के Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट पर है। क्रेमलिन ने संकेत दिया है कि Su-57 की संभावित बिक्री और इससे जुड़ी तकनीक पर सहयोग बैठक के एजेंडे में शामिल है। रूस भारत को Su-57 के लिए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और संभावित संयुक्त उत्पादन का प्रस्ताव दे चुका है। हालांकि इसे अभी अंतिम डील के तौर पर नहीं देखा जा सकता। दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर आगे की बातचीत की संभावना है।

ब्रह्मोस को और ताकतवर बनाने पर भी बातचीत
रक्षा क्षेत्र में ब्रह्मोस मिसाइल के अपग्रेड को लेकर भी चर्चा अहम हो सकती है। रूस के राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि भारत और रूस पहले से ब्रह्मोस मिसाइल का संयुक्त उत्पादन कर रहे हैं और अब इसे और बेहतर बनाने पर विचार किया जा सकता है। ब्रह्मोस भारत और रूस के संयुक्त विकास का प्रमुख रक्षा प्रोजेक्ट है। DRDO के अनुसार यह एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली है, जिसे जमीन, समुद्र और हवा से लॉन्च किया जा सकता है।

S-400 और रक्षा सहयोग भी एजेंडे में
मोदी-पुतिन बैठक में S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की डिलीवरी और भविष्य के रक्षा सहयोग पर भी बातचीत होने की संभावना है। रिपोर्टों के मुताबिक रूस भारत के साथ रक्षा सहयोग को केवल हथियारों की खरीद तक सीमित रखने के बजाय तकनीक, संयुक्त उत्पादन और विकास की दिशा में आगे बढ़ाना चाहता है। ऐसे में Su-57, S-400 और ब्रह्मोस के अपग्रेड से जुड़े मुद्दे भारत-रूस रक्षा साझेदारी के अगले चरण के संकेत दे सकते हैं।

Maa RamPyari Hospital

munadi live whattsapp banne.jpg

नए परमाणु ऊर्जा संयंत्रों पर भी होगी बात
रक्षा के साथ न्यूक्लियर एनर्जी भी मोदी-पुतिन बातचीत का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। रूस ने भारत में नए परमाणु ऊर्जा संयंत्रों को लेकर आगे बातचीत की इच्छा जताई है। डनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना के बाद दोनों देश भारत में रूस की मदद से नई न्यूक्लियर पावर यूनिट्स स्थापित करने की संभावनाओं पर बातचीत कर रहे हैं। इसके अलावा ऊर्जा सहयोग, व्यापार और निवेश से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

resizone elanza

Telegram channel

यूक्रेन युद्ध और शांति प्रयासों पर भी नजर
मोदी-पुतिन बातचीत ऐसे समय हो रही है जब रूस-यूक्रेन युद्ध जारी है। भारत लगातार संवाद और कूटनीति के जरिए संघर्ष के समाधान की वकालत करता रहा है। हाल ही में SCO बैठक के दौरान भी मोदी और पुतिन ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की थी। प्रधानमंत्री ने संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को आगे का रास्ता बताया था। BRICS के दौरान होने वाली द्विपक्षीय बैठक में यूक्रेन के अलावा पश्चिम एशिया की स्थिति और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दे भी चर्चा में आ सकते हैं।

BRICS से पहले मोदी-पुतिन मुलाकात क्यों अहम?
भारत और रूस के बीच लंबे समय से रणनीतिक साझेदारी रही है। मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों में दोनों देशों के बीच रक्षा और ऊर्जा सहयोग के साथ व्यापारिक संबंध भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं। पुतिन का भारत दौरा ऐसे समय हो रहा है जब BRICS का विस्तार हो चुका है और संगठन के सामने पश्चिम एशिया के संघर्ष समेत कई वैश्विक मुद्दों पर साझा रुख बनाने की चुनौती है। 12-13 सितंबर को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में रूस, चीन, ईरान समेत कई देशों के नेता हिस्सा ले रहे हैं। फिलहाल Su-57 या अपग्रेडेड ब्रह्मोस की कोई अंतिम डील घोषित नहीं हुई है। लेकिन मोदी-पुतिन बैठक में इन रक्षा प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना ने इस मुलाकात को खास बना दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *