ऑपरेशन ‘नवजीवन-II’ की बड़ी कामयाबी: झारखंड में 16 शीर्ष माओवादियों ने किया सरेंडर, 11 आधुनिक हथियार भी सौंपे
रांची: झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को मंगलवार को बड़ी सफलता मिली। भाकपा (माओवादी) के 16 शीर्ष कमांडरों और दस्ता सदस्यों ने झारखंड पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय के ‘ऑपरेशन नवजीवन-II’ के तहत झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा (CoBRA) और झारखंड जगुआर के संयुक्त अभियान के दौरान हुई। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली कोल्हान और सारंडा के दुर्गम जंगलों तथा लातेहार क्षेत्र में सक्रिय थे और इनमें कई इनामी एवं संगठन के शीर्ष कमांडर शामिल हैं।
11 पुरुष और 5 महिला नक्सलियों ने डाले हथियार
आत्मसमर्पण करने वालों में 11 पुरुष और 5 महिलाएं शामिल हैं। इनमें—1 रीजनल कमांडर,3 जोनल कमांडर, 3 सब-जोनल कमांडर, 6 एरिया कमांडर, 3 दस्ता सदस्य शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि ये सभी भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी और केंद्रीय कमेटी सदस्य असीम मंडल से जुड़े दस्तों में सक्रिय थे और कोल्हान-सारंडा क्षेत्र में संगठन की गतिविधियों का संचालन करते थे।
15 लाख का इनामी संतोष उर्फ बासुदेव दा भी शामिल
आत्मसमर्पण करने वालों में सबसे चर्चित नाम संतोष उर्फ बासुदेव दा उर्फ गांधी का है। वह गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र का निवासी है और रीजनल कमांडर स्तर का माओवादी बताया गया है। पुलिस के अनुसार—उस पर 128 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसके ऊपर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
इसके अलावा चंदन लोहरा (जोनल कमांडर) – 10 लाख रुपये का इनामी, 78 मामलों में वांछित और अनिल तुरी उर्फ उज्जवल (सब-जोनल कमांडर) – 5 लाख रुपये का इनामी, 22 मामलों में आरोपित भी आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल हैं।
11 आधुनिक हथियार और 1562 कारतूस जमा
सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी सौंपा। इनमें शामिल हैं—
- 6 INSAS राइफल
- 2 AK-47 राइफल
- 1 HK-33 राइफल
- 1 US कार्बाइन
- 1 M-16 राइफल
इसके अलावा 38 मैगजीन, 1,562 राउंड जीवित कारतूसभी पुलिस को सौंपे गए।
झारखंड और ओडिशा के रहने वाले हैं सदस्य
पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले 15 सदस्य झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा), लातेहार, लोहरदगा, हजारीबाग, खूंटी, बोकारो, रांची, सरायकेला और गिरिडीह जिलों के निवासी हैं, जबकि एक सदस्य ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले का रहने वाला है।
छत्तीसगढ़ में भी 8 सदस्यों ने किया आत्मसमर्पण
पुलिस ने बताया कि इसी नेटवर्क से जुड़े आठ अन्य माओवादी (तीन पुरुष और पांच महिलाएं) भी झारखंड पुलिस के अभियानों से प्रभावित होकर छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण कर रहे हैं। इनमें बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर जिलों में सक्रिय जोनल और एरिया कमेटी के सदस्य शामिल बताए गए हैं।
2026 में अब तक 93 नक्सली गिरफ्तार
पुलिस मुख्यालय के मीडिया सेल के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 93 नक्सली गिरफ्तार,45 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण (मंगलवार के 16 सहित), 22 नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए हैं। इससे पहले 21 मई 2026 को 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। वहीं 13 जुलाई को 20 लाख के इनामी रवींद्र गंझू और 17 जुलाई को 25 लाख के इनामी अजय महतो उर्फ टाइगर को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस का दावा
झारखंड पुलिस का कहना है कि लगातार चल रहे अभियानों, सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और संगठन के भीतर कथित शोषण व भय के कारण बड़ी संख्या में नक्सली संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं। पुलिस ने शेष सक्रिय नक्सलियों से भी सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाने और हिंसा का रास्ता छोड़ने की अपील की है।




