CBSE का बड़ा बदलाव! 9वीं-10वीं में पढ़ने होंगे 9 विषय, सिर्फ 5 की होगी बोर्ड परीक्षा

CBSE की नई Scheme of Studies में कक्षा 9वीं और 10वीं के विषय और बोर्ड परीक्षा नियमों में बदलाव

फेल होने पर विषय बदलने की सुविधा, CwSN विद्यार्थियों को विषय चयन में विशेष छूट

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों के लिए नई Scheme of Studies जारी की है। नई अध्ययन योजना में विषयों की संख्या, विषय चयन, व्यावसायिक शिक्षा, मूल्यांकन प्रणाली और उत्तीर्ण होने के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। नई व्यवस्था सत्र 2026-27 में कक्षा 9वीं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर लागू होगी। यही विद्यार्थी आगे सत्र 2027-28 में कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा देंगे। हालांकि, जो विद्यार्थी सत्र 2026-27 में पहले से कक्षा 10वीं में पढ़ रहे हैं, उनके लिए पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी।

कक्षा 9वीं-10वीं में 9 विषय होंगे अनिवार्य
नई Scheme of Studies के तहत कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को कुल 9 अनिवार्य विषय पढ़ने होंगे। इनमें तीन भाषाओं के साथ गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कला शिक्षा, शारीरिक शिक्षा एवं कल्याण और व्यावसायिक शिक्षा शामिल है। विद्यार्थियों को इसके अतिरिक्त CBSE की सूची में शामिल 57 ऐच्छिक विषयों में से एक विषय चुनने का अवसर भी मिलेगा। इस तरह नई व्यवस्था में विद्यार्थियों को अपनी रुचि और भविष्य की पढ़ाई के अनुसार विषय चुनने के अधिक विकल्प मिलेंगे। तीनों भाषाओं को Language R1, Language R2 और Language R3 के रूप में निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही व्यावसायिक शिक्षा को भी अनिवार्य घटक बनाया गया है।

व्यावसायिक शिक्षा में दो विकल्प
नई व्यवस्था में विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक शिक्षा के दो विकल्प रखे गए हैं।

DAV NANDRAJ

पहला विकल्प- कौशल विकास
पहले विकल्प के तौर पर विद्यार्थी Kaushal Vikas चुन सकते हैं। इसका मूल्यांकन स्कूल स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर किया जाएगा। इस विकल्प के लिए अलग से बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं होगी।

happy Teacher Day

दूसरा विकल्प- बोर्ड स्किल विषय
दूसरे विकल्प के तहत विद्यार्थी 22 बोर्ड स्किल विषयों में से किसी एक का चयन कर सकते हैं। इन विषयों में Information Technology (IT), Artificial Intelligence (AI) और Data Science जैसे विषय शामिल हैं। इन स्किल विषयों की कक्षा 10वीं में बोर्ड परीक्षा आयोजित की जाएगी। सफल विद्यार्थियों को NSQF प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।

Jaipur

कक्षा 10वीं में सिर्फ पांच विषयों की बोर्ड परीक्षा
नई योजना में कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा का दायरा भी स्पष्ट किया गया है। विद्यार्थियों के पांच मुख्य विषयों की बोर्ड परीक्षा होगी। इनमें शामिल हैं:

  • Language R1
  • Language R2
  • गणित
  • विज्ञान
  • सामाजिक विज्ञान
resizone-elanza
rlifecare

वहीं तीसरी भाषा, कला शिक्षा, शारीरिक शिक्षा एवं कल्याण और कौशल विकास का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर किया जाएगा। कला शिक्षा तथा शारीरिक शिक्षा एवं कल्याण में अंकों के बजाय A1 से E तक ग्रेड दिए जाएंगे।

हर मुख्य विषय में 33 प्रतिशत अंक जरूरी
कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए विद्यार्थियों को पांचों मुख्य विषयों में कम से कम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे। इसके लिए बोर्ड परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन में प्राप्त अंकों को मिलाकर देखा जाएगा। यानी किसी एक मुख्य विषय में भी निर्धारित न्यूनतम अंक हासिल नहीं होने पर विद्यार्थी के परिणाम पर इसका असर पड़ेगा।

फेल होने पर विषय बदलने की सुविधा
CBSE की नई व्यवस्था में विद्यार्थियों को असफल होने की स्थिति में विषय प्रतिस्थापन का विकल्प भी दिया गया है। यदि कोई विद्यार्थी गणित, विज्ञान या सामाजिक विज्ञान में से किसी एक विषय में असफल होता है और उसने 22 बोर्ड स्किल विषयों में से कोई एक विषय चुना है, तो स्किल विषय में प्राप्त अंकों के आधार पर असफल विषय को बदला जा सकता है। हालांकि, Kaushal Vikas विकल्प चुनने वाले विद्यार्थियों को यह सुविधा नहीं मिलेगी। इसी तरह यदि विद्यार्थी Language R1 या R2 में असफल होता है, तो अतिरिक्त ऐच्छिक भाषा विषय में पास होने की स्थिति में उस भाषा के अंक को प्रतिस्थापन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

CwSN विद्यार्थियों को विषय चयन में विशेष छूट
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों यानी Children with Special Needs (CwSN) के लिए नई योजना में विशेष प्रावधान किया गया है। ऐसे विद्यार्थियों को केवल एक अनिवार्य भाषा की बोर्ड परीक्षा देनी होगी। बाकी चार विषयों का चयन गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, संगीत, चित्रकला, गृह विज्ञान, बिजनेस एलिमेंट्स और निर्धारित स्किल विषयों में से किया जा सकेगा। ऑटोमोटिव विषय को छोड़कर अधिकतम दो स्किल विषय चुनने की अनुमति होगी।

कुछ विषय नई योजना से बाहर
CBSE ने नई अध्ययन योजना में कुछ विषयों को शामिल नहीं किया है।

कक्षा 9वीं (2026-27) में:

  • Individuals in Society
  • Modules of CT & AI

इन विषयों को नई योजना में शामिल नहीं किया गया है। वहीं कक्षा 10वीं (2027-28) में Environmental Education को पाठ्यक्रम से बाहर रखा गया है।

विद्यार्थियों को क्या फायदा होगा?
नई Scheme of Studies का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक अकादमिक शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय उन्हें कौशल आधारित और व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ना है। नई व्यवस्था में विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार अतिरिक्त विषय और स्किल विषय चुनने का अवसर मिलेगा। IT, AI और Data Science जैसे विषयों को स्किल शिक्षा से जोड़ने से विद्यार्थियों को भविष्य की उच्च शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल विकसित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। CBSE की अकादमिक निदेशक डॉ. प्रज्ञा एम. सिंह द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, नई अध्ययन योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ कौशल एवं व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ना और विषय चयन के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।

Read more: CBSE का बड़ा बदलाव! 9वीं-10वीं में पढ़ने होंगे 9 विषय, सिर्फ 5 की होगी बोर्ड परीक्षा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *