हेमंत कैबिनेट के बड़े फैसले: 27 प्रस्तावों पर लगी मुहर, VB-GRAM G योजना और रिम्स-2 को मंजूरी
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित झारखंड मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास, प्रशासन और जनकल्याण से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें VB-GRAM G योजना, रिम्स-2 के निर्माण, नई झारखंड राज्य समाहरणालय लिपिक संवर्ग नियमावली-2026 और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। बैठक में लिए गए फैसलों को राज्य सरकार की विकास योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
VB-GRAM G योजना को मिली मंजूरी
कैबिनेट बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय VB-GRAM G योजना को स्वीकृति देना रहा। इस महत्वाकांक्षी योजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास कार्यों को नई गति देने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
रिम्स-2 निर्माण का रास्ता साफ
कैबिनेट ने रिम्स-2 (RIMS-2) के निर्माण को भी मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। सरकार का उद्देश्य रिम्स पर बढ़ते मरीजों के दबाव को कम करना और बेहतर स्वास्थ्य ढांचा तैयार करना है।
दिल्ली में होगा नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन
मंत्रिपरिषद ने 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन के आयोजन को भी स्वीकृति प्रदान की है। इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों और विशेषज्ञों की भागीदारी के साथ कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
नई लिपिक संवर्ग नियमावली को मंजूरी
कैबिनेट ने झारखंड राज्य समाहरणालय लिपिक संवर्ग नियमावली-2026 के गठन को भी मंजूरी दे दी। नई नियमावली लागू होने के बाद लिपिक संवर्ग की नियुक्ति, सेवा शर्तों और पदोन्नति से जुड़े प्रावधानों को अधिक व्यवस्थित किया जाएगा।
प्रखंड और अंचलों में प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती
बैठक में राज्य के विभिन्न प्रखंडों और अंचलों में झारखंड प्रशासनिक सेवा (JAS) के अधिकारियों की पदस्थापना को भी मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और आम जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा।
विधानसभा में पेश होगा CAG प्रतिवेदन
कैबिनेट ने भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में पेश करने का भी निर्णय लिया है। इससे राज्य के वित्तीय प्रबंधन और विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा सदन में की जा सकेगी।
विकास और प्रशासनिक सुधारों पर सरकार का जोर
सरकार का कहना है कि कैबिनेट द्वारा स्वीकृत प्रस्तावों का उद्देश्य राज्य में बेहतर प्रशासन, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास को नई गति देना है। आने वाले दिनों में इन फैसलों के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। राज्य सरकार के अनुसार, कैबिनेट में स्वीकृत योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों का सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंचाने पर विशेष जोर रहेगा।






