उत्पाद सिपाही परीक्षा पेपर लीक मामलाः बिहार से बंगाल का सरकारी क्लर्क गिरफ्तार
रांची पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अब तक 166 आरोपी जा चुके हैं जेल
रांची: झारखंड उत्पाद सिपाही प्रश्न पत्र लीक मामले में रांची पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। मामले की जांच कर रही विशेष टीम ने बिहार के सहरसा जिले में छापेमारी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमृत राज उर्फ बुलबुल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अमृत राज पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) कार्यालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत था। पेपर लीक कांड में पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान उसका नाम सामने आया था, जिसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
पहले गिरफ्तार आरोपियों ने खोला राज
रांची पुलिस की जांच के दौरान पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने अमृत राज की भूमिका का खुलासा किया था। पुलिस को जानकारी मिली थी कि वह पूरे नेटवर्क के संपर्क में था और प्रश्न पत्र लीक मामले में उसकी सक्रिय भूमिका रही है। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम लगातार उसके ठिकानों पर नजर बनाए हुए थी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि अमृत राज अपने गृह जिला सहरसा पहुंचा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने वहां छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को रांची लाया गया और न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अब पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
पुलिस रिमांड में हो सकते हैं बड़े खुलासे
मामले को लेकर अमर पांडेय ने बताया कि पेपर लीक मामले की जांच में अमृत राज की संलिप्तता सामने आई थी। इसी आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड पर पूछताछ के दौरान कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह के तार किन-किन राज्यों तक फैले हुए हैं और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
नर्सिंग कॉलेज में पकड़ा गया था सॉल्वर गैंग
गौरतलब है कि 11 अप्रैल को रांची के तमाड़ थाना क्षेत्र के रडगांव स्थित एक अर्धनिर्मित नर्सिंग कॉलेज में पुलिस ने बड़ी छापेमारी की थी। इस दौरान पुलिस ने सॉल्वर गैंग के आधा दर्जन सदस्यों समेत 159 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र के उत्तर रटवाए जा रहे थे। अभ्यर्थियों से कहा गया था कि जिन सवालों के जवाब उन्हें याद कराए जा रहे हैं, वही प्रश्न 12 अप्रैल को होने वाली परीक्षा में पूछे जाएंगे।
तीन-तीन लाख रुपये वसूले गए
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस अवैध काम के लिए अभ्यर्थियों से भारी रकम वसूली गई थी। सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक अभ्यर्थी से करीब तीन लाख रुपये लिए गए थे। इस पूरे नेटवर्क में कई राज्यों के लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
अब तक 166 लोग जा चुके हैं जेल
उत्पाद सिपाही पेपर लीक मामले में अब तक कुल 166 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस लगातार इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही यह जांच भी की जा रही है कि प्रश्न पत्र लीक करने में किन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका रही।
कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की जांच
रांची पुलिस का मानना है कि यह केवल एक स्थानीय गिरोह का मामला नहीं है, बल्कि इसका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है। इसी कारण बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।






