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सम्राट कैबिनेट के 32 मंत्रियों ने ली शपथ

Samrat Cabinet Oath

निशांत कुमार और दीपक प्रकाश भी बने मंत्री, गांधी मैदान में भव्य समारोह

पटना: बिहार की राजनीति में गुरुवार को बड़ा राजनीतिक आयोजन देखने को मिला। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की नई कैबिनेट के 32 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और जदयू अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौजूद रहे।

राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने सभी मंत्रियों को शपथ दिलाई।

इन नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

  • श्रवण कुमार
  • विजय कुमार सिन्हा
  • दिलीप कुमार जायसवाल
  • निशांत कुमार
  • लेशी सिंह
  • रामकृपाल यादव
  • नीतीश मिश्रा
  • दामोदर रावत
  • संजय सिंह टाइगर
  • अशोक चौधरी
  • भगवान सिंह कुशवाहा
  • अरुण शंकर प्रसाद
  • मदन सहनी
  • संतोष कुमार सुमन
  • रमा निषाद
  • रत्नेश सदा
  • कुमार शैलेंद्र
  • शीला कुमारी
  • केदार प्रसाद गुप्ता
  • लखेंद्र कुमार रौशन
  • सुनील कुमार
  • श्रेयसी सिंह
  • जमा खान
  • नंद किशोर राम
  • शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल
  • प्रमोद कुमार
  • श्वेता गुप्ता
  • मिथिलेश तिवारी
  • रामचंद्र प्रसाद
  • संजय कुमार सिंह
  • संजय कुमार
  • दीपक प्रकाश

निशांत कुमार की एंट्री बनी चर्चा का केंद्र
कैबिनेट विस्तार में सबसे ज्यादा चर्चा निशांत कुमार की रही। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने हाल ही में सक्रिय राजनीति में कदम रखा था और अब उन्हें मंत्री पद देकर बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश मानी जा रही है।

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NDA सहयोगियों को मिला प्रतिनिधित्व
मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा के 16 मंत्रियों को जगह मिली है। वहीं जदयू के 13 नेता मंत्री बनाए गए हैं। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से दो मंत्री बनाए गए हैं। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिला है।

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दीपक प्रकाश भी बने मंत्री
पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया है। इसे NDA के भीतर राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

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बिहार की राजनीति में नए संकेत
नई कैबिनेट में अनुभवी नेताओं के साथ कई नए चेहरों को शामिल कर सत्ता और संगठन के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मंत्रिमंडल आगामी चुनावी रणनीति और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

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