जमुई बदसलूकी मामले में बड़ा एक्शन, भागने की कोशिश में मुख्य आरोपी नंदन यादव को लगी गोली

Jamui misconduct case

वायरल वीडियो मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज, मुख्य आरोपी घायल; 120 सोशल मीडिया अकाउंट पर भी कार्रवाई

पीड़िता की पहचान उजागर करने पर चेतावनी

जमुई: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके नाबालिग साथी के साथ कथित बदसलूकी और छेड़छाड़ के वायरल वीडियो मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। मंगलवार को मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल बताए जा रहे नंदन यादव को पकड़ने गई पुलिस टीम के साथ मुठभेड़ की सूचना सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के दौरान नंदन यादव ने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर हमला किया। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब जमुई मामले की जांच को लेकर पुलिस और प्रशासन पहले ही सक्रिय है। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया है। शुरुआती कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी थी।

गिरफ्तारी के दौरान भागने की कोशिश का पुलिस का दावा
पुलिस के अनुसार, नंदन यादव को गिरफ्तार करने के लिए टीम कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान उसने भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर हमला किया। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसके पैर में गोली लगी। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी को कब्जे में लिया और इलाज के लिए अस्पताल भेजा। उपलब्ध रिपोर्टों में फिलहाल आरोपी की स्थिति को लेकर विस्तृत मेडिकल जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना की परिस्थितियों और पुलिस कार्रवाई से जुड़े बाकी पहलुओं की जांच जारी रहना महत्वपूर्ण है।

वायरल वीडियो के बाद सामने आया पूरा मामला
यह मामला 19 सितंबर की शाम का बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, कोचिंग से लौट रहे एक नाबालिग छात्र और छात्रा के साथ कथित तौर पर एक समूह ने बदसलूकी की। घटना का वीडियो बनाया गया और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़ित नाबालिगों की पहचान कर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई। सोमवार तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी और अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी चल रही थी।

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CID ने संभाली जांच की कमान
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर CID की विशेष टीम भी जमुई पहुंची है। टीम पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस ने मामले में SIT का गठन भी किया है। जांच टीम वायरल वीडियो, घटनास्थल और आरोपियों की भूमिका से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस ने बताया है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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120 सोशल मीडिया अकाउंट पर कार्रवाई
जमुई मामले में पुलिस ने सिर्फ कथित आरोपियों के खिलाफ ही कार्रवाई नहीं की है, बल्कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी शिकंजा कसा है। जमुई पुलिस के मुताबिक, करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल के खिलाफ साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इन अकाउंट्स पर कथित तौर पर ऐसा वीडियो प्रसारित करने या साझा करने का आरोप है, जिसमें नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर हो रही थी। पुलिस ने संबंधित सामग्री हटाने के लिए टेक-डाउन कार्रवाई भी शुरू की है। आम लोगों से अपील की गई है कि वे नाबालिग पीड़िता से जुड़ा वीडियो शेयर, रीपोस्ट या फॉरवर्ड न करें।

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POCSO समेत इन धाराओं में केस
एडीजी कानून-व्यवस्था केएस अनुपम के मुताबिक, जमुई थाना में मामले को लेकर BNSS की धारा 128, 74 और 75 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके साथ ही POCSO Act की धाराओं 8 और 12 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
जमुई की घटना के बाद बिहार में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष ने घटना को लेकर सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन से जुड़े नेताओं ने पुलिस कार्रवाई का बचाव किया है। सत्तापक्ष की ओर से कहा गया है कि घटना सामने आने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ वायरल वीडियो को लेकर भी कदम उठाए। वहीं विपक्षी नेताओं ने महिला और बाल सुरक्षा को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। इस राजनीतिक बहस के बीच पुलिस की जांच और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।

नाबालिग की पहचान उजागर न करने की अपील
जमुई एसपी विश्वजीत दयाल ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग पीड़िता की निजता का सम्मान किया जाए। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली सामग्री को सोशल मीडिया पर प्रसारित नहीं किया जाना चाहिए। इस मामले में अब पुलिस के सामने दो स्तर पर कार्रवाई की चुनौती है—पहला, कथित घटना में शामिल सभी आरोपियों तक पहुंचना और उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाना; दूसरा, पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले डिजिटल कंटेंट और उसके प्रसार से जुड़े लोगों पर कार्रवाई करना। फिलहाल मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद हिरासत में है और उसका इलाज कराया जा रहा है। मामले की जांच CID और SIT स्तर पर आगे बढ़ रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद घटना, आरोपियों की भूमिका और मुठभेड़ की परिस्थितियों से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

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