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मनरेगा के अधूरे कुएं में डूबे मासूम भाई-बहन, दोनों की मौत

Death by drowning

चाईबासा/आनंदपुर: पश्चिमी सिंहभूम जिले के आनंदपुर थाना क्षेत्र के बाघचट्टा गांव में दर्दनाक हादसा हो गया। मनरेगा योजना के तहत बने अधूरे कुएं में बारिश का पानी जमा होने के कारण डूबने से एक ही परिवार के दो मासूम भाई-बहन की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। मृतकों की पहचान गांव निवासी अगस्तीन टुडू के छह वर्षीय पुत्र गॉडसन टुडू और चार वर्षीय पुत्री एंजेल टुडू के रूप में हुई है। घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

खेलते-खेलते अधूरे कुएं तक पहुंचे बच्चे
मिली जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चे दोपहर के समय घर के आसपास स्थित इमली के पेड़ के पास खेल रहे थे। खेलते-खेलते दोनों वहां से करीब 100 मीटर दूर स्थित एक अधूरे कुएं के पास पहुंच गए। बताया जा रहा है कि कुएं में बारिश का पानी जमा था। इसी दौरान खेलते समय एंजेल का पैर फिसल गया और वह पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। बहन को पानी में गिरता देखकर छह वर्षीय भाई गॉडसन उसे बचाने की कोशिश में कुएं में उतर गया। लेकिन पानी की गहराई और मौके पर किसी वयस्क के मौजूद नहीं होने के कारण दोनों बच्चों को समय पर मदद नहीं मिल सकी। कुछ समय बाद दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत से पसरा मातम
एक ही परिवार के दो छोटे बच्चों की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। गांव में इस हादसे को लेकर गहरा दुख है। ग्रामीणों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि अधूरे कुएं को सुरक्षित तरीके से घेरा गया होता या उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था होती, तो शायद बच्चों को वहां तक पहुंचने से रोका जा सकता था।

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अधूरे कुएं में बारिश का पानी बना खतरा
ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा समेत अन्य योजनाओं के तहत खोदे जाने वाले कुएं या गड्ढे यदि निर्माण पूरा होने से पहले खुले रह जाएं तो बारिश के मौसम में उनमें पानी भरने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। बाघचट्टा की घटना ने भी ऐसे अधूरे निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। खासकर गांवों में बच्चों के आसपास खेलने की स्थिति को देखते हुए खुले गड्ढों और कुओं की घेराबंदी जरूरी मानी जाती है।
इस हादसे में दोनों बच्चों की मौत के बाद अब संबंधित निर्माण स्थल की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच की जरूरत भी सामने आई है।

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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अगस्तीन टुडू के लिए यह हादसा बेहद दुखद है। कुछ ही देर पहले तक घर के आसपास खेल रहे उनके दोनों बच्चे अचानक हमेशा के लिए उनसे दूर हो गए। चार वर्षीय एंजेल को बचाने की कोशिश में छह वर्षीय गॉडसन का भी कुएं में उतर जाना हादसे को और मार्मिक बना गया। मासूम भाई ने अपनी बहन को बचाने की कोशिश की, लेकिन दोनों की जान चली गई। फिलहाल घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। हादसे को लेकर स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्रवाई और घटना की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

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