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लातेहार में बड़ी सफलता, 10 लाख के इनामी नक्सली की निशानदेही पर हथियारों का जखीरा बरामद

Latehar Naxalite Arrest

लातेहार: जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। 10 लाख के इनामी नक्सली मृत्युंजय भुईयां और 2 लाख के इनामी बब्लू राम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों को 5 दिनों के रिमांड पर लेकर पूछताछ की। इस पूछताछ के दौरान दोनों उग्रवादियों की निशानदेही पर गारू थाना क्षेत्र के मिर्चइया जंगल से जमीन के अंदर छुपाकर रखे गए हथियार, गोलियां और मैगजीन बरामद किए गए।

लातेहार के एसपी कुमार गौरव ने बताया कि दोनों नक्सलियों को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की गई। इसी दौरान मृत्युंजय भुईयां की निशानदेही पर पुलिस ने एक इंसास राइफल, 70 जिंदा गोलियां, तीन मैगजीन और एक पोच बरामद किया। वहीं बब्लू राम की निशानदेही पर एक सेमी राइफल, एक 30 बोर कार्बाइन राइफल, 100 जिंदा गोलियां और दो चितकबरा रंग का पोच बरामद हुआ।

पुलिस के मुताबिक ये हथियार जंगल के भीतर जमीन में छुपाकर रखे गए थे, ताकि जरूरत पड़ने पर उग्रवादी इन्हें निकालकर इस्तेमाल कर सकें। बरामदगी के बाद यह साफ हो गया है कि संगठन अभी भी हथियारबंद गतिविधियों को जिंदा रखने की कोशिश में लगा था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि ये हथियार किन घटनाओं में इस्तेमाल हुए और इन्हें किस नेटवर्क के जरिए सुरक्षित रखा गया था।

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एसपी कुमार गौरव ने कहा कि बरामद किए गए इन हथियारों का इस्तेमाल आतंक फैलाने और उग्रवादी गतिविधियों को अंजाम देने में किया जाता था। उन्होंने साफ कहा कि पुलिस इस मामले में आगे भी कार्रवाई जारी रखेगी और संगठन के बाकी सदस्यों की तलाश में छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।

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इस पूरे अभियान में कई थाना प्रभारियों और जवानों की अहम भूमिका रही। कार्रवाई में छिपादोहर थाना प्रभारी मोहब्बत यकीन अंसारी, गारू थाना प्रभारी जयप्रकाश शर्मा, बारेसाढ़ थाना प्रभारी शशि कुमार, महुआडांड़ थाना प्रभारी मनोज कुमार, विकासेंदु त्रिपाठी, श्यामलाल समेत कई सुरक्षाकर्मी शामिल रहे।

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लातेहार, गारू और आसपास के इलाके लंबे समय से नक्सली गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माने जाते रहे हैं। ऐसे में इनामी नक्सलियों की गिरफ्तारी और उनकी निशानदेही पर हथियारों की बरामदगी को सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न सिर्फ संगठन की ताकत पर चोट पहुंची है, बल्कि इलाके में आगे होने वाली संभावित नक्सली घटनाओं को भी रोकने में मदद मिल सकती है।

पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई के बाद संगठन के बाकी सदस्यों पर भी दबाव बढ़ेगा। अब पूछताछ और बरामदगी के आधार पर आगे और छापेमारी की तैयारी की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि संगठन के पास और कितने हथियार छुपाकर रखे गए हैं और उनका नेटवर्क किन-किन इलाकों तक फैला हुआ है।

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