झारखंड में LPG डिलीवरी पर सख्ती: 7 दिन में सिलेंडर नहीं पहुंचा तो गैस एजेंसी का सिस्टम होगा लॉक
50 हजार से ज्यादा लंबित मामलों के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय का बड़ा फैसला, उपभोक्ताओं को समय पर सेवा देने पर जोर
रांची: झारखंड में घरेलू गैस उपभोक्ताओं को समय पर एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय के नए निर्देशों के अनुसार, यदि किसी उपभोक्ता को बुकिंग के 7 दिनों के भीतर गैस सिलेंडर की डिलीवरी नहीं मिलती है, तो संबंधित एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर का सिस्टम लॉक कर दिया जाएगा। राज्य में वर्तमान समय में 50 हजार से अधिक लंबित गैस बुकिंग मामलों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। मंत्रालय का उद्देश्य एलपीजी वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाना है।
नई बुकिंग और डिलीवरी सेवाएं हो जाएंगी बंद
मंत्रालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, सिस्टम लॉक होने की स्थिति में संबंधित गैस एजेंसी नई बुकिंग स्वीकार नहीं कर सकेगी और डिलीवरी से जुड़े सभी कार्य प्रभावित हो जाएंगे। इससे एजेंसियों पर समय पर सिलेंडर पहुंचाने का दबाव बढ़ेगा। हालांकि, यदि किसी विशेष परिस्थिति के कारण डिलीवरी में देरी होती है और एजेंसी उसके उचित कारण प्रस्तुत करती है, तो इंडियन ऑयल द्वारा सिस्टम को अस्थायी रूप से अनलॉक किया जा सकता है। इसके लिए एजेंसी को देरी के पीछे की परिस्थितियों का स्पष्ट और संतोषजनक विवरण देना होगा।
उचित कारण नहीं तो मिलेगी कड़ी सजा
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि केवल वास्तविक और उचित कारणों को ही स्वीकार किया जाएगा। यदि एजेंसी देरी के लिए संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे पाती है, तो उसका सिस्टम पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और वह नए उपभोक्ताओं की बुकिंग या डिलीवरी प्रक्रिया संचालित नहीं कर पाएगी।
पहले भी लागू था यह नियम
एलपीजी वितरण से जुड़ा यह नियम नया नहीं है। यह व्यवस्था पहले से लागू थी, लेकिन हाल के महीनों में मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़े असर के कारण तेल कंपनियों ने डिस्ट्रीब्यूटर्स को अस्थायी राहत दी थी। उस दौरान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते गैस आपूर्ति प्रभावित हुई थी और कई क्षेत्रों में डिलीवरी में देरी हुई थी। अब हालात सामान्य होने के बाद तेल कंपनियां फिर से इस नियम को सख्ती से लागू कर रही हैं।
उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से गैस उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही वितरण व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ेगी और लंबित बुकिंग की समस्या पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा। मंत्रालय का कहना है कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे राज्य में गैस वितरण व्यवस्था पहले से अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी होने की उम्मीद है।




