Amity University झारखंड के Start-Up कॉन्क्लेव 2026 में गूंजा नवाचार का मंत्र, युवाओं से कहा—नौकरी नहीं, रोजगार देने वाले बनें
झारखंड के युवाओं में है असीम क्षमता: जितेंद्र कुमार सिंह
आज का युवा जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बन रहा है
FJCCI और Startup Jharkhand के बीच हुआ MoU
रांची: झारखंड में स्टार्ट-अप संस्कृति को नई ऊर्जा देने और युवाओं को नवाचार एवं उद्यमिता की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से Amity University झारखंड के एमिटी सेंटर फॉर स्टार्टअप, इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप द्वारा शुक्रवार को स्टार्ट-अप कॉन्क्लेव 2026 का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सरकार, उद्योग जगत, स्टार्ट-अप संस्थापकों, निवेशकों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों ने भाग लिया तथा भविष्य की उद्यमशील अर्थव्यवस्था पर व्यापक चर्चा की। कॉन्क्लेव का उद्देश्य प्रेरणादायी उद्यमियों, स्टार्ट-अप संस्थापकों, उद्योग विशेषज्ञों, नवाचारकर्ताओं, निवेशकों और भावी उद्यमियों को एक साझा मंच प्रदान करना था, ताकि वे तेजी से विकसित हो रहे भारतीय स्टार्ट-अप इकोसिस्टम में उपलब्ध अवसरों, चुनौतियों और संभावनाओं पर अपने विचार साझा कर सकें।
झारखंड के युवाओं में है असीम क्षमता: जितेंद्र कुमार सिंह
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जितेंद्र कुमार सिंह, सचिव, श्रम, रोजगार, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग, झारखंड सरकार ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है और देश के पास प्रतिभा एवं नवाचार की अपार क्षमता मौजूद है। यदि इस क्षमता को सही दिशा, कौशल और अवसर मिले तो यह देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप केवल नया व्यवसाय शुरू करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे रोजगार सृजन, स्थानीय समस्याओं के समाधान, तकनीकी विकास और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

JSDM और कौशल विकास योजनाओं की दी जानकारी
जितेंद्र कुमार सिंह ने झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन (JSDM) की विभिन्न पहलों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राज्य सरकार युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने के लिए लगातार नई योजनाएं शुरू कर रही है। उन्होंने पीएम सेतु योजना सहित कई आगामी परियोजनाओं की जानकारी दी, जिनका उद्देश्य युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करना और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें, जोखिम लेने का साहस रखें और लगातार सीखते हुए अपने विचारों को व्यवसाय में बदलने का प्रयास करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार युवाओं को स्टार्ट-अप और उद्यमिता के क्षेत्र में हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराएगी।
“समस्या पहचानिए, समाधान तैयार कीजिए”
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं FMCIII (टाटा टेक्नोलॉजीज़ लिमिटेड समर्थित इनक्यूबेशन सेंटर) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप माडिवाल ने कहा कि सफल स्टार्ट-अप केवल अच्छे विचारों से नहीं बनते, बल्कि वास्तविक समस्याओं के प्रभावी समाधान से खड़े होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे समाज, उद्योग और आम लोगों की समस्याओं को समझें और तकनीक तथा नवाचार की मदद से उनके व्यावहारिक समाधान विकसित करें। यही सोच भविष्य के सफल उद्यमियों की पहचान बनेगी।
“आज का युवा जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बन रहा है”
फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं की रचनात्मक सोच को नई दिशा देते हैं। उन्होंने कहा कि भारत का युवा तेजी से बदल रहा है और अब वह केवल नौकरी पाने की सोच तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाला उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार विश्वविद्यालयों और उद्योग जगत के बीच मजबूत साझेदारी ही सफल स्टार्ट-अप इकोसिस्टम की आधारशिला है।

कुलपति ने समझाया ‘START-UP’ का प्रेरक सूत्र
एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड के कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक के. श्रीवास्तव ने अपने प्रेरक संबोधन में विद्यार्थियों से कहा कि चुनौतियों और कठिनाइयों के बीच ही सबसे बड़े अवसर छिपे होते हैं। उन्होंने युवाओं से असफलताओं से घबराने के बजाय उन्हें सीखने का अवसर मानने का आग्रह किया।
उन्होंने ‘START-UP’ शब्द की प्रेरणादायक व्याख्या करते हुए कहा—
- S – Start: शुरुआत करें और वास्तविक समस्या की पहचान करें।
- T – Think Differently: पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर नया दृष्टिकोण अपनाएं।
- A – Act Fearlessly: निडर होकर अपने विचारों को कार्यरूप दें।
- R – Remain Resilient: कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और दृढ़ता बनाए रखें।
- T – Transform: अपने विचारों से समाज और उद्योग में सकारात्मक परिवर्तन लाएं।
- U – Upskill: लगातार नए कौशल सीखें और स्वयं को अपडेट रखें।
- P – Perseverance: निरंतर प्रयास ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
उन्होंने कहा कि भविष्य उन्हीं युवाओं का होगा जो केवल सपने नहीं देखते, बल्कि उन्हें साकार करने का साहस भी रखते हैं।
इन-हाउस स्टार्ट-अप संस्थापकों का हुआ सम्मान
कॉन्क्लेव के दौरान विश्वविद्यालय से जुड़े सफल स्टार्ट-अप संस्थापकों को सम्मानित किया गया। इनमें सचिन आर्या — संस्थापक, Uncut Bihar Jharkhand, जो जमीनी और वास्तविक कहानियों पर आधारित डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म संचालित करते हैं, हिमांशु प्रसाद यादव — संस्थापक, Yuva Hive और अंजलि भारती — सह-संस्थापक, गेमिफाइड करियर एक्सेलेरेशन प्लेटफॉर्म शामिल हैं। सम्मान समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि दृढ़ इच्छाशक्ति, नवाचार और निरंतर मेहनत के बल पर स्थानीय स्तर से भी राष्ट्रीय पहचान बनाई जा सकती है।

FJCCI और Startup Jharkhand के बीच हुआ MoU
कॉन्क्लेव का एक महत्वपूर्ण आकर्षण FJCCI और Startup Jharkhand के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर समारोह रहा। इस साझेदारी का उद्देश्य झारखंड में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को मजबूत बनाना, उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाना तथा युवाओं को बेहतर इनक्यूबेशन, मेंटरशिप और नेटवर्किंग के अवसर उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की साझेदारियां राज्य में नवाचार आधारित उद्यमों को नई गति देंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।
पैनल चर्चा में साझा हुए सफलता के अनुभव
कार्यक्रम के दौरान उद्यमियों और उद्योग विशेषज्ञों के साथ एक ज्ञानवर्धक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। विशेषज्ञों ने स्टार्ट-अप शुरू करने से लेकर फंडिंग, बाजार विस्तार, ब्रांड निर्माण, तकनीकी नवाचार, नेतृत्व और निवेशकों के साथ संवाद जैसे विषयों पर अपने अनुभव साझा किए। विद्यार्थियों ने भी विशेषज्ञों से सवाल पूछे और स्टार्ट-अप शुरू करने की प्रक्रिया, जोखिम प्रबंधन, बिजनेस मॉडल तथा भविष्य की संभावनाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
स्टार्ट-अप कॉन्क्लेव 2026 ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि झारखंड में उद्यमिता का वातावरण तेजी से विकसित हो रहा है। शिक्षा संस्थानों, उद्योग जगत और सरकार के बीच बढ़ता सहयोग युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला उद्यमी बनने के लिए प्रेरित कर रहा है।
एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड की यह पहल राज्य में नवाचार, कौशल विकास और स्टार्ट-अप संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन भविष्य में भी युवाओं को नए अवसरों से जोड़ते रहेंगे और झारखंड को देश के उभरते स्टार्ट-अप हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।






