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JPSC परीक्षा घोटाले में बड़ा अपडेट, फरार आरोपी रवि शंकर ने CID कोर्ट में किया सरेंडर

Ranchi CID court

गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद से CID कर रही थी तलाश

अब रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में जांच एजेंसी CID को बड़ी सफलता मिली है। मामले में फरार चल रहे आरोपी रवि शंकर ने बुधवार को रांची सिविल कोर्ट स्थित विशेष CID अदालत में सरेंडर कर दिया। आरोपी के खिलाफ अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद CID उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई कर रही थी। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी की बढ़ती कार्रवाई और गिरफ्तारी के दबाव के बीच रवि शंकर ने अदालत पहुंचकर आत्मसमर्पण किया। सरेंडर के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

गैर-जमानती वारंट के बाद तेज हुई थी तलाश
JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं और उम्मीदवारों को गलत तरीके से लाभ पहुंचाने के आरोपों की जांच CID कर रही है। जांच के दौरान रवि शंकर के खिलाफ साक्ष्य मिलने के बाद एजेंसी ने अदालत से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) हासिल किया था। वारंट जारी होने के बाद CID की टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी और तलाश अभियान चलाया। हालांकि, गिरफ्तारी से पहले ही आरोपी ने अदालत में सरेंडर कर दिया।

न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी
कोर्ट में आत्मसमर्पण के बाद रवि शंकर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अब CID उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही उम्मीदवारों को कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाने में रवि शंकर की क्या भूमिका रही, इसकी भी जांच की जाएगी।

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पूछताछ से खुल सकते हैं कई राज
CID को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान परीक्षा घोटाले से जुड़े अन्य लोगों, कथित नेटवर्क और लेन-देन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। एजेंसी यह भी जानने का प्रयास कर सकती है कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं को अंजाम देने के लिए किन लोगों के बीच संपर्क था और उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया किस तरह संचालित की गई। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी। फिलहाल CID की कार्रवाई और आगामी रिमांड पूछताछ को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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JPSC परीक्षा मामले में बढ़ रही कार्रवाई
झारखंड में JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाओं को लेकर कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के बीच आरोपियों पर कार्रवाई का सिलसिला तेज हुआ है। ऐसे में रवि शंकर का कोर्ट में सरेंडर करना CID की जांच के लिए अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि रिमांड के दौरान CID की पूछताछ में क्या-क्या जानकारी सामने आती है और क्या इस मामले में अन्य संदिग्धों तक जांच की कड़ी पहुंचती है।

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