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झारखंड में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, अब नहीं मिलेगा उच्च पदों का Independent Charge

Jharkhand Independent Charge System

वित्त विभाग ने तत्काल प्रभाव से खत्म की व्यवस्था, सभी विभागों को जारी किए सख्त निर्देश

रांची: झारखंड सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए निम्न वेतनमान वाले अधिकारियों को उच्च पदों का स्वतंत्र चालू प्रभार (Independent Charge) देने की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। इस संबंध में वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार ने राज्य के सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों और विभागीय सचिवों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार के इस फैसले का असर राज्य के विभिन्न विभागों की पदस्थापना और प्रभार व्यवस्था पर व्यापक रूप से पड़ने वाला है।

लगातार बढ़ रहे थे कानूनी विवाद
वित्त विभाग के संज्ञान में लगातार ऐसे मामले आ रहे थे, जिनमें अपेक्षाकृत जूनियर या कम वेतनमान वाले अधिकारियों को उच्च पदों का स्वतंत्र प्रभार सौंप दिया जाता था। बाद में संबंधित अधिकारी उच्च पद पर कार्य करने की अवधि के लिए वेतन अंतर और अन्य वित्तीय लाभों की मांग करते हुए न्यायालयों का रुख कर रहे थे। कई मामलों में ये विवाद लंबी कानूनी प्रक्रिया में बदल रहे थे।

सरकार पर बढ़ सकता था अतिरिक्त वित्तीय बोझ
विभागीय पत्र के अनुसार, इस विषय पर उच्चतम न्यायालय द्वारा भी कुछ मामलों में अधिकारियों के पक्ष में निर्णय दिए जा चुके हैं। ऐसे न्यायिक फैसलों के बाद सरकार को वेतन अंतर और अन्य लाभों का भुगतान करना पड़ सकता था, जिससे राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ने की आशंका थी।

इसी संभावना को देखते हुए वित्त विभाग ने वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा कर इसे समाप्त करने का फैसला लिया।

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सेवा संहिता में नहीं है स्पष्ट प्रावधान
सरकार ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि झारखंड सेवा संहिता में निम्न वेतनमान के किसी अधिकारी को उच्च पद का स्वतंत्र प्रभार सौंपने का कोई स्पष्ट प्रावधान उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री के निर्देशों तथा प्रशासनिक और वित्तीय पहलुओं पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया गया है।

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जरूरत पड़ने पर केवल अतिरिक्त प्रभार
हालांकि कार्यहित में यदि किसी उच्च पद का प्रभार देना अत्यंत आवश्यक हुआ तो उसके लिए नई व्यवस्था तय की गई है। नई व्यवस्था के तहत अधिकारी अपने मूल पद पर बने रहेंगे और उन्हें केवल अतिरिक्त प्रभार दिया जाएगा। उन्हें स्वतंत्र प्रभार नहीं सौंपा जाएगा।

सीमित अवधि के लिए होगी व्यवस्था
यह अतिरिक्त प्रभार सीमित अवधि के लिए ही दिया जा सकेगा। इसके लिए झारखंड सेवा संहिता के नियम-103 तथा वित्त विभाग के पूर्व निर्धारित प्रावधानों के तहत सक्षम प्राधिकारी से विधिवत स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा।

नियमित नियुक्ति सुनिश्चित करनी होगी
वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित विभागों को तय अवधि के भीतर उस पद पर नियमित नियुक्ति या स्थायी प्रभार की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। सभी विभागों को नए निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया गया है।

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