...

झारखंड पर जिंदल का मेगा दांव! ₹71 हजार करोड़ का निवेश, मेगा स्टील प्लांट और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट से बदलेगी तस्वीर

Jindal Jharkhand Investment

रांची/नई दिल्ली: वैश्विक व्यापारिक तनाव और टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच भारतीय स्टील उद्योग के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। जिंदल स्टील ग्रुप के वाइस चेयरमैन वी.आर. शर्मा ने भरोसा जताया है कि भारत वैश्विक स्तर पर स्टील उत्पादन में पूरी तरह प्रतिस्पर्धी बना रहेगा। उन्होंने कहा कि देश का 300 मिलियन टन (300 MT) कच्चे स्टील उत्पादन का लक्ष्य पूरी तरह हासिल किया जा सकता है। उन्होंने झारखंड के लिए 71 हजार करोड़ रुपये के निवेश की बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि राज्य में 60 लाख टन क्षमता वाला स्टील प्लांट, 1400 मेगावाट का परमाणु ऊर्जा संयंत्र और 650 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित करने की योजना है।

71 हजार करोड़ रुपये का मेगा निवेश
ईटीवी भारत को दिए एक विशेष इंटरव्यू में वी.आर. शर्मा ने कहा कि जिंदल ग्रुप झारखंड में तीन बड़ी परियोजनाओं पर काम करने की तैयारी कर रहा है। इनमें शामिल हैं—

  • ₹50,000 करोड़ की लागत से 60 लाख टन क्षमता का स्टील प्लांट
  • ₹20,000 करोड़ (कुल निवेश योजना के अनुसार) से 1400 मेगावाट परमाणु ऊर्जा संयंत्र
  • ₹1,000 करोड़ की लागत से 650 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना

उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर झारखंड में 71 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना है, जो राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति देगा।

ग्रीन स्टील पर रहेगा फोकस
वी.आर. शर्मा ने कहा कि भविष्य ग्रीन स्टील का है और जिंदल ग्रुप इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि परमाणु और सौर ऊर्जा आधारित बिजली उत्पादन के जरिए कंपनी कार्बन उत्सर्जन में बड़ी कमी लाने की योजना पर काम कर रही है। “करीब 2,000 मेगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन से ग्रीन स्टील बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।”

munadi live whattsapp banne.jpg

300 MT स्टील उत्पादन लक्ष्य हासिल करेगा भारत
उन्होंने विश्वास जताया कि भारत पहले से करीब 175 मिलियन टन स्टील उत्पादन कर रहा है और 2030-31 या उसके आसपास 300 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य हासिल कर लेगा। उनके अनुसार भारत वैश्विक स्टील बाजार में पहले से प्रतिस्पर्धी है और वैल्यू-ऐडेड स्टील के उत्पादन से निर्यात क्षमता भी और मजबूत होगी।

resizone elanza

Telegram channel

AI से बदलेगा स्टील उद्योग
वी.आर. शर्मा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब स्टील उद्योग का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। उन्होंने बताया कि जिंदल स्टील ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में AI आधारित तकनीकों का उपयोग शुरू कर दिया है और भविष्य में इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा। AI का उपयोग—

  • उत्पादन क्षमता बढ़ाने
  • मशीनों की प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस
  • कर्मचारियों की सुरक्षा
  • संचालन को अधिक कुशल बनाने में किया जाएगा।

झारखंड में लौह अयस्क और कोयले की कोई कमी नहीं
कच्चे माल की उपलब्धता पर पूछे गए सवाल के जवाब में वी.आर. शर्मा ने कहा कि झारखंड देश के सबसे समृद्ध खनिज राज्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि भारत के 26 प्रतिशत से अधिक लौह अयस्क भंडार झारखंड में मौजूद हैं और राज्य कोयले के मामले में भी समृद्ध है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार निजी क्षेत्र के लिए खनिज उपलब्ध कराती है तो कच्चे माल की कोई कमी नहीं होगी और इससे बड़े निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा।

पतरातू में पहले से मौजूद है जिंदल का प्लांट
वी.आर. शर्मा ने बताया कि जिंदल ग्रुप वर्ष 2007 से झारखंड में कार्यरत है और रांची के पास पतरातू में कंपनी का प्लांट पहले से संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नए निवेश झारखंड के औद्योगिक विकास के प्रति कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *