जनसंघर्षों की बुलंद आवाज को नमन: अतुल कुमार अंजान की पुण्यतिथि पर CPI ने किया स्मरण

Atul Kumar Anjan Tribute

रांची: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य कार्यालय में वरिष्ठ किसान नेता और पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अंजान की द्वितीय पुण्यतिथि पर एक भावभीनी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

किसान आंदोलन की पहचान बने अंजान
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि अतुल कुमार अंजान केवल एक नेता नहीं, बल्कि किसान आंदोलन की मजबूत और निर्भीक आवाज थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन को किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित किया। वे अखिल भारतीय किसान सभा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव भी रहे और देशभर में किसानों के संघर्षों को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई।

पूंजीवाद और अन्याय के खिलाफ मुखर आवाज
वक्ताओं ने कहा कि आज जब देश में पूंजीवादी नीतियों का प्रभाव बढ़ रहा है, ऐसे समय में अंजान जैसे नेताओं की कमी और अधिक महसूस होती है। उन्होंने कॉरपोरेट कृषि नीतियों, भूमि अधिग्रहण और किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ लगातार संघर्ष किया और जनआंदोलनों को मजबूत आधार प्रदान किया।

Adiwasi Mahotsav

वैचारिक प्रतिबद्धता और जनपक्षधरता
अतुल कुमार अंजान एक प्रखर वक्ता, गंभीर विचारक और अथक संगठक के रूप में जाने जाते थे। उनकी आवाज केवल मंचों तक सीमित नहीं थी, बल्कि टीवी बहसों, जनसभाओं और वैचारिक विमर्शों में भी वे समान रूप से प्रभावशाली रहे। उन्होंने हमेशा धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के मूल्यों को मजबूती से उठाया।

happy Teacher Day
happy Teacher Day

नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा
सभा में नेताओं ने कहा कि अंजान का जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने किसान आंदोलनों को मजदूरों और युवाओं के संघर्षों से जोड़कर एक व्यापक सामाजिक आंदोलन का स्वरूप दिया, जिससे युवा पीढ़ी को भी दिशा मिली।

resizone elanza

Telegram channel

प्रमुख नेताओं की उपस्थिति
इस श्रद्धांजलि सभा में महेंद्र पाठक सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। इसके अलावा भंते जैनेंद्र तथागत, अजय कुमार सिंह, संतोष कुमार, एहतेशाम प्रवीण, अधिवक्ता जयंत कुमार पांडे, कृष्णकांत वर्मा, निरंजन भारती, विजय वर्मा, श्यामल चक्रवर्ती, राजेश कुमार शाह, छुमू उरांव समेत कई कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।

“संघर्ष जारी रहना चाहिए” – अंजान की विरासत
सभा में वक्ताओं ने अंजान के उस विचार को याद किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि “संघर्ष जारी रहना चाहिए, क्योंकि न्याय की लड़ाई कभी खत्म नहीं होती।” नेताओं ने संकल्प लिया कि वे उनके दिखाए रास्ते पर चलकर किसान और जनआंदोलनों को और मजबूत करेंगे।

विचारों की विरासत जिंदा रहेगी
अतुल कुमार अंजान की पहचान केवल एक राजनीतिक नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक जन-बुद्धिजीवी के रूप में भी थी। उन्होंने समाज के हर वर्ग की आवाज को मंच दिया और अपनी लेखनी और वक्तृत्व से जनचेतना को जागृत किया। रांची में आयोजित यह श्रद्धांजलि सभा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक विचारधारा और संघर्ष की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प भी थी। अतुल कुमार अंजान का जीवन और उनके विचार आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करते हैं और आने वाले समय में भी उनकी आवाज जनसंघर्षों में गूंजती रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *