गिरिडीह गोलगप्पा कांड: 6 साल के बच्चे की मौत, आरोपी विक्रेता गिरफ्तार

Giridih Golgappa Incident

49 से अधिक बच्चे बीमार, गांव में स्वास्थ्य विभाग का कैंप जारी

गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत लेदा बजटो गांव में जहरीले गोलगप्पे और चाट खाने से हुए फूड प्वाइजनिंग मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना में 6 वर्षीय मासूम रंजन कुमार की मौत हो गई, जबकि 49 से अधिक बच्चे और ग्रामीण बीमार पड़ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी गुपचुप विक्रेता ओभीलाल रजक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की भी पड़ताल की जा रही है।

अस्पताल में भर्ती मरीज, हालत स्थिर
घटना के बाद से ही बीमार बच्चों और ग्रामीणों को गिरिडीह सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, करीब दो दर्जन मरीज अब भी अस्पताल में इलाजरत हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि सभी की हालत अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है और उन्हें जरूरी इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।

गांव में स्वास्थ्य विभाग का डेरा, घर-घर सर्वे
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लेदा बजटो गांव में कैंप लगा दिया है। टीम घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य स्थिति की जांच कर रही है, ताकि किसी और व्यक्ति में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण नजर आएं तो तुरंत इलाज किया जा सके। प्रशासन की कोशिश है कि इस घटना के प्रभाव को सीमित रखा जाए और किसी भी प्रकार की नई स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।

कैसे बिगड़ी हालत, कुछ ही देर में फैला असर
जानकारी के अनुसार, गांव में ओभीलाल रजक के ठेले से गोलगप्पे और चाट खाने के कुछ ही देर बाद लोगों को उल्टी, दस्त और पेट में तेज दर्द की शिकायत होने लगी। रविवार शाम से ही बच्चों और ग्रामीणों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, जिसके बाद स्थिति गंभीर हो गई। रात तक कुल 49 लोगों की हालत खराब हो चुकी थी, जिन्हें आनन-फानन में सदर अस्पताल पहुंचाया गया। इसी दौरान इलाज के क्रम में 6 वर्षीय रंजन कुमार की मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

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प्रशासन सख्त, जांच जारी
जिला प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की है। आरोपी विक्रेता की गिरफ्तारी के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है।संभावना जताई जा रही है कि खराब सामग्री या अस्वच्छ तरीके से तैयार किए गए खाद्य पदार्थों के कारण यह घटना हुई है। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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इलाके में दहशत और गम का माहौल
इस घटना के बाद पूरे लेदा बजटो गांव में दहशत और शोक का माहौल है। एक मासूम की मौत और दर्जनों बच्चों के बीमार होने से लोग स्तब्ध हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को सख्त सजा दी जाए और खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ाई जाए।

गिरिडीह का यह गोलगप्पा कांड एक बार फिर यह साबित करता है कि खाद्य सुरक्षा में लापरवाही कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन यह घटना एक चेतावनी भी है कि सड़क किनारे बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता पर कड़ी निगरानी जरूरी है। अब सबकी नजर प्रशासनिक जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

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