Paras HEC Hospital और IRIS Eye Hospital के बीच समझौता, अब रांची में मिलेगी विश्वस्तरीय नेत्र चिकित्सा
रांची: झारखंड के मरीजों को बेहतर और विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में Paras HEC Hospital Ranchi ने IRIS Eye Hospital के साथ महत्वपूर्ण समझौता (MOU) किया है। इस साझेदारी का उद्देश्य राज्य के मरीजों को एक ही स्थान पर आधुनिक और उच्च गुणवत्ता वाली नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस सहयोग के बाद पारस एचईसी हॉस्पिटल में नियमित नेत्र ओपीडी, उन्नत जांच सुविधाएं और आधुनिक तकनीक से लैस नेत्र सर्जरी सेवाएं उपलब्ध होंगी। मरीजों को अब मोतियाबिंद, रेटिना, कॉर्निया, ग्लूकोमा, ओकुलोप्लास्टी समेत विभिन्न जटिल नेत्र रोगों के इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं मिल सकेंगी।
आईरिस आई हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सक अब पारस हॉस्पिटल में नेत्र रोग से जुड़ी सेवाएं प्रदान करेंगे। इससे मरीजों को बेहतर परामर्श, समय पर जांच और अत्याधुनिक उपचार की सुविधा एक ही परिसर में मिलेगी। इस अवसर पर डॉ. सुबोध ने बताया कि पारस हॉस्पिटल और आईरिस आई हॉस्पिटल के बीच हुए एमओयू के तहत नेत्र रोग विभाग की सेवाएं आईरिस आई हॉस्पिटल द्वारा संचालित की जाएंगी। इससे मरीजों को विशेषज्ञता आधारित उपचार का लाभ मिलेगा।
पारस हेल्थ रांची के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि पारस हेल्थ हमेशा अपने मरीजों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। आईरिस आई हॉस्पिटल के साथ यह सहयोग नेत्र रोग विभाग को और अधिक मजबूत बनाएगा तथा मरीजों को समग्र और विशेषज्ञ नेत्र देखभाल सेवाएं प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी से मरीजों को रांची में ही विशेषज्ञ परामर्श, अत्याधुनिक जांच और सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे उन्हें इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और गुणवत्तापूर्ण उपचार स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगा।
डॉ. नीतेश कुमार ने विश्वास जताया कि आईरिस आई हॉस्पिटल की विशेषज्ञता और पारस हेल्थ की आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के समन्वय से झारखंड के मरीजों को विश्वस्तरीय नेत्र चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही यह सहयोग राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि रेटिना, ग्लूकोमा और कॉर्निया जैसी जटिल बीमारियों के उपचार की उन्नत सुविधाएं उपलब्ध होने से झारखंड के हजारों मरीजों को राहत मिलेगी। यह साझेदारी राज्य में नेत्र चिकित्सा सेवाओं के स्तर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का काम करेगी।




